पिता का साया सर से हट जाए तो कायनात पलट जाती है। एक अनाथ लड़की के जीवन की बिडम्बना को सरल और सटिक शब्दों में गूंथकर रची गई एक कवीता। प्रस्तुतकर्ता: किरन बाला
पिता का साया सर से हट जाए तो कायनात पलट जाती है। एक अनाथ लड़की के जीवन की बिडम्बना को सरल और सटिक शब्दों में गूंथकर रची गई एक कवीता। प्रस्तुतकर्ता: किरन बाला