तेरे सीने से लग कर तेरी आरज़ू बन जाऊँ,तेरी सांसों से मिलकर तेरी खुशबू बन जाऊँ,फासले न रहें कोई हम दोनों के दरम्यान,मैं, मैं न रहूँ… बस तू ही तू बन जाऊँ।
तेरे सीने से लग कर तेरी आरज़ू बन जाऊँ,तेरी सांसों से मिलकर तेरी खुशबू बन जाऊँ,फासले न रहें कोई हम दोनों के दरम्यान,मैं, मैं न रहूँ… बस तू ही तू बन जाऊँ।