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होम आइसोलेशन के दौरान नियमित तौर पर अपने ऑक्सीजन लेवल की जांच करते रहें। ताकि स्थिति भयावह होने से रोका जा सके। ऑक्सीजन स्तर की जांच करने के लिए घर पर ऑक्सीमीटर जरूर रखें।
पल्स ऑक्सीमीटर में, हांथ की उंगली फंसाते ही खून में ऑक्सीजन की उपलब्धता की जांच करता है। इससे यह पता चलता है कि लाल रक्त कोशिकाएं (आरबीसी) कितना ऑक्सीजन ह्रदय से शरीर के अन्य भाग में पहुंचा रही हैं। इसमें फोटो इलेक्ट्रिक उपकरण होता है जो ऑक्सीजन सैचुरेशन के साथ हार्ट बीट को भी चेक करता है।ध्यान रखें कि आप एक ही उंगली को ऑक्सीमीटर में फंसा कर ऑक्सीजन लेवल की जांच करें। जांच के दौरान ऑक्सीमीटर में अपनी उंगली ठीक से सेट करें। ऐसा न करने पर रीडिंग गलत हो सकती है।
कोरोना काल के दौरान विशेषज्ञ घर पर ऑक्सीमीटर रखने औऱ नियमित तौर पर ऑक्सीजन स्तर मापने की सलाह दे रहे हैं। कोविड से संक्रमित मरीजों को होम आइसोलेशन के दौरान घर पर ऑक्सीमीटर रखना बेहद जरूरी है तथा हर दो से तीन घंटे पर ऑक्सीजन लेवल की जांच करते रहें। ताकि ऑक्सीजन स्तर का पता लगाया जा सके औऱ स्थिति गंभीर होने से पहले मरीज को अस्पताल में भर्ती कराया जा सके और सही समय पर इलाज हो सके।
होम आइसोलेशन के दौरान नियमित तौर पर अपने ऑक्सीजन लेवल की जांच करते रहें। ताकि स्थिति भयावह होने से रोका जा सके। ऑक्सीजन स्तर की जांच करने के लिए घर पर ऑक्सीमीटर जरूर रखें।
पल्स ऑक्सीमीटर में, हांथ की उंगली फंसाते ही खून में ऑक्सीजन की उपलब्धता की जांच करता है। इससे यह पता चलता है कि लाल रक्त कोशिकाएं (आरबीसी) कितना ऑक्सीजन ह्रदय से शरीर के अन्य भाग में पहुंचा रही हैं। इसमें फोटो इलेक्ट्रिक उपकरण होता है जो ऑक्सीजन सैचुरेशन के साथ हार्ट बीट को भी चेक करता है।ध्यान रखें कि आप एक ही उंगली को ऑक्सीमीटर में फंसा कर ऑक्सीजन लेवल की जांच करें। जांच के दौरान ऑक्सीमीटर में अपनी उंगली ठीक से सेट करें। ऐसा न करने पर रीडिंग गलत हो सकती है।
कोरोना काल के दौरान विशेषज्ञ घर पर ऑक्सीमीटर रखने औऱ नियमित तौर पर ऑक्सीजन स्तर मापने की सलाह दे रहे हैं। कोविड से संक्रमित मरीजों को होम आइसोलेशन के दौरान घर पर ऑक्सीमीटर रखना बेहद जरूरी है तथा हर दो से तीन घंटे पर ऑक्सीजन लेवल की जांच करते रहें। ताकि ऑक्सीजन स्तर का पता लगाया जा सके औऱ स्थिति गंभीर होने से पहले मरीज को अस्पताल में भर्ती कराया जा सके और सही समय पर इलाज हो सके।