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ब्रह्म यज्ञ, देवयज्ञ, पितृयज्ञ, भूतयज्ञ, मनुष्ययज्ञ की भावना को गहराई से समझ लेने वाले, और इसे आत्मसात करने वाले का जीवन ऊर्जा से भर जाता है, परमात्मा बिना मांगे ही ऐसे व्यक्ति की अभिलाषा पूर्ण करता है।
By Dr. Archika Didiब्रह्म यज्ञ, देवयज्ञ, पितृयज्ञ, भूतयज्ञ, मनुष्ययज्ञ की भावना को गहराई से समझ लेने वाले, और इसे आत्मसात करने वाले का जीवन ऊर्जा से भर जाता है, परमात्मा बिना मांगे ही ऐसे व्यक्ति की अभिलाषा पूर्ण करता है।

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