“मन तो सब वस्तुओं से अधिक धोखा देने वाला होता है, उसमें असाध्य रोग लगा है; उसका भेद कौन समझ सकता है? ’मैं यहोवा मन की खोजता और हृदय को जाँचता हूँ ताकि प्रत्येक जन को उसकी चाल–चलन के अनुसार अर्थात् उसके कामों का फल दूँ।’” यिर्मयाह 17:9-10 बाइबल दुष्टता की वास्तविकता के बारे में बहुत स्पष्ट है—और यह उस शक्ति की प्रकृति के बारे में... Read More