“यूसुफ अपने पिता के घराने समेत मिस्र में रहता रहा, और यूसुफ एक सौ दस वर्ष जीवित रहा…यूसुफ ने अपने भाइयों से कहा, ‘मैं तो मरने पर हूँ; परन्तु…परमेश्वर निश्चय तुम्हारी सुधि लेगा…तुम तेरी हड्डियों को यहाँ से उस देश में ले जाना।’” उत्पत्ति 50:22, 24-25 यूसुफ के जीवन के बाकी के लगभग 60 वर्षों का सारांश इस वाक्य में दिया गया है: “यूसुफ अपने... Read More