“नून का पुत्र यहोशू और यपुन्ने का पुत्र कालेब, जो देश के भेद लेने वालों में से थे, अपने-अपने वस्त्र फाड़कर, इस्राएलियों की सारी मण्डली से कहने लगे, “जिस देश का भेद लेने को हम इधर-उधर घूम कर आए हैं, वह अत्यन्त उत्तम देश है। यदि यहोवा हम से प्रसन्न हो, तो हम को उस देश में, जिसमें दूध और मधु की धाराएँ बहती हैं, पहुँचाकर उसे... Read More