“[योना] ने यहोवा से यह कहकर प्रार्थना की, ‘हे यहोवा, जब मैं अपने देश में था, तब क्या मैं यही बात न कहता था? इसी कारण मैं ने तेरी आज्ञा सुनते ही तर्शीश को भाग जाने के लिए फुर्ती की; क्योंकि मैं जानता था कि तू अनुग्रहकारी और दयालु परमेश्वर है, और विलम्ब से कोप करने वाला करुणानिधान है, और दुख देने से प्रसन्न नहीं... Read More