Truth For Life

18 अगस्त : एक चिन्ता का विषय


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“जिस रेंड़ के पेड़ के लिए तू ने कुछ परिश्रम नहीं किया, न उसको बढ़ाया, जो एक ही रात में हुआ, और एक ही रात में नष्ट भी हुआ; उस पर तू ने तरस खाई है। फिर यह बड़ा नगर नीनवे, जिसमें एक लाख बीस हज़ार से अधिक मनुष्य हैं जो अपने दाहिने बाएँ हाथों का भेद नहीं पहचानते, और बहुत से घरेलू पशु भी... Read More
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Truth For LifeBy Alethia4India