“[परमेश्वर] ने उसको बाहर ले जा के कहा, ‘आकाश की ओर दृष्टि करके तारागण को गिन, क्या तू उनको गिन सकता है?’फिर उसने उससे कहा, ‘तेरा वंश ऐसा ही होगा।’ उसने यहोवा पर विश्वास किया; और यहोवा ने इस बात को उसके लेखे में धर्म गिना।” उत्पत्ति 15:5-6 यदि हमारे विश्वास की नींव दीर्घ प्रतीक्षा के समयों में भी अटल रहनी है, तो हमें इन दो... Read More