“‘हम तो प्रार्थना में और वचन की सेवा में लगे रहेंगे।’ यह बात सारी मण्डली को अच्छी लगी।” प्रेरितों 6:4-5 यद्यपि पिन्तेकुस्त के दिन पवित्र आत्मा से परिपूर्ण घटनाएँ और उसके परिणामस्वरूप हुआ सेवाकार्य असाधारण थे, तौभी प्रेरितों और उनके अनुयायियों ने यह कहना आरम्भ नहीं कर दिया कि अब परमेश्वर का आत्मा मुझे सिखाता है; इसलिए मुझे किसी और की सुनने की आवश्यकता नहीं है।... Read More