“मनुष्य की आयु घास के समान होती है,वह मैदान के फूल के समान फूलता है,जो पवन लगते ही ठहर नहीं सकता,और न वह अपने स्थान में फिर मिलता है। परन्तु यहोवा की करुणा उसके डरवैयों पर युग-युग,और उसका धर्म उनके नाती–पोतों पर भी प्रगट होता रहता है।” भजन 103:15-17 जीवन हमारी कल्पना से कहीं अधिक शीघ्रता से बीत जाता है। मुझे अपने पहले पुत्र का... Read More