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January 14, 2023Aaina | Akshay S. PoddarPlayमेरे आईने का एक टुकड़ा खो गयाउस हिस्से का चेहरा अब नहीं दिखतामेरे चेहरे का अंदाजा हैऔर उस टुकड़े की कमीआँखों को देखता देखा है मैनेमें मुस्कराता हुआ अब नहीं दिखतादिन का वक़्त अक्सर बाहर गुज़रता हैरातों को आईना नजर नहीं आतामुझे अब आइने की जरूरत नहीं शायदटुकड़े की तलाश हैरातों को डरता हूंकहीं आईने का वो टुकड़ा चुभ ना जाएदिन में अब ढूँढने का वक़्त नहींअंदाजा है मुझे मेरे हाल काअब मेरी नज़रों से नज़रे कोई मिलाता नहींमेरे आइने में कुछ कमी हैशायद वो अब मुझे भाता नहीं- अक्षय एस. पोद्दार...moreShareView all episodesBy Akshay S. PoddarJanuary 14, 2023Aaina | Akshay S. PoddarPlayमेरे आईने का एक टुकड़ा खो गयाउस हिस्से का चेहरा अब नहीं दिखतामेरे चेहरे का अंदाजा हैऔर उस टुकड़े की कमीआँखों को देखता देखा है मैनेमें मुस्कराता हुआ अब नहीं दिखतादिन का वक़्त अक्सर बाहर गुज़रता हैरातों को आईना नजर नहीं आतामुझे अब आइने की जरूरत नहीं शायदटुकड़े की तलाश हैरातों को डरता हूंकहीं आईने का वो टुकड़ा चुभ ना जाएदिन में अब ढूँढने का वक़्त नहींअंदाजा है मुझे मेरे हाल काअब मेरी नज़रों से नज़रे कोई मिलाता नहींमेरे आइने में कुछ कमी हैशायद वो अब मुझे भाता नहीं- अक्षय एस. पोद्दार...more
मेरे आईने का एक टुकड़ा खो गयाउस हिस्से का चेहरा अब नहीं दिखतामेरे चेहरे का अंदाजा हैऔर उस टुकड़े की कमीआँखों को देखता देखा है मैनेमें मुस्कराता हुआ अब नहीं दिखतादिन का वक़्त अक्सर बाहर गुज़रता हैरातों को आईना नजर नहीं आतामुझे अब आइने की जरूरत नहीं शायदटुकड़े की तलाश हैरातों को डरता हूंकहीं आईने का वो टुकड़ा चुभ ना जाएदिन में अब ढूँढने का वक़्त नहींअंदाजा है मुझे मेरे हाल काअब मेरी नज़रों से नज़रे कोई मिलाता नहींमेरे आइने में कुछ कमी हैशायद वो अब मुझे भाता नहीं- अक्षय एस. पोद्दार
January 14, 2023Aaina | Akshay S. PoddarPlayमेरे आईने का एक टुकड़ा खो गयाउस हिस्से का चेहरा अब नहीं दिखतामेरे चेहरे का अंदाजा हैऔर उस टुकड़े की कमीआँखों को देखता देखा है मैनेमें मुस्कराता हुआ अब नहीं दिखतादिन का वक़्त अक्सर बाहर गुज़रता हैरातों को आईना नजर नहीं आतामुझे अब आइने की जरूरत नहीं शायदटुकड़े की तलाश हैरातों को डरता हूंकहीं आईने का वो टुकड़ा चुभ ना जाएदिन में अब ढूँढने का वक़्त नहींअंदाजा है मुझे मेरे हाल काअब मेरी नज़रों से नज़रे कोई मिलाता नहींमेरे आइने में कुछ कमी हैशायद वो अब मुझे भाता नहीं- अक्षय एस. पोद्दार...more
मेरे आईने का एक टुकड़ा खो गयाउस हिस्से का चेहरा अब नहीं दिखतामेरे चेहरे का अंदाजा हैऔर उस टुकड़े की कमीआँखों को देखता देखा है मैनेमें मुस्कराता हुआ अब नहीं दिखतादिन का वक़्त अक्सर बाहर गुज़रता हैरातों को आईना नजर नहीं आतामुझे अब आइने की जरूरत नहीं शायदटुकड़े की तलाश हैरातों को डरता हूंकहीं आईने का वो टुकड़ा चुभ ना जाएदिन में अब ढूँढने का वक़्त नहींअंदाजा है मुझे मेरे हाल काअब मेरी नज़रों से नज़रे कोई मिलाता नहींमेरे आइने में कुछ कमी हैशायद वो अब मुझे भाता नहीं- अक्षय एस. पोद्दार