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November 01, 2021Adhikaar - Mahadevi Verma2 minutesPlayListen in to a recitation of the famous poem “Adhikaar” by Mahadevi Verma.Lyrics in Hindi:वे मुस्काते फूल, नहींजिनको आता है मुर्झाना,वे तारों के दीप, नहींजिनको भाता है बुझ जाना;वे नीलम के मेघ, नहींजिनको है घुल जाने की चाहवह अनन्त रितुराज,नहींजिसने देखी जाने की राह|वे सूने से नयन,नहींजिनमें बनते आँसू मोती,वह प्राणों की सेज,नहीजिसमें बेसुध पीड़ा सोती;ऐसा तेरा लोक, वेदनानहीं,नहीं जिसमें अवसाद,जलना जाना नहीं, नहींजिसने जाना मिटने का स्वाद!क्या अमरों का लोक मिलेगातेरी करुणा का उपहार?रहने दो हे देव! अरेयह मेरा मिटने का अधिकार!...moreShareView all episodesBy aksNovember 01, 2021Adhikaar - Mahadevi Verma2 minutesPlayListen in to a recitation of the famous poem “Adhikaar” by Mahadevi Verma.Lyrics in Hindi:वे मुस्काते फूल, नहींजिनको आता है मुर्झाना,वे तारों के दीप, नहींजिनको भाता है बुझ जाना;वे नीलम के मेघ, नहींजिनको है घुल जाने की चाहवह अनन्त रितुराज,नहींजिसने देखी जाने की राह|वे सूने से नयन,नहींजिनमें बनते आँसू मोती,वह प्राणों की सेज,नहीजिसमें बेसुध पीड़ा सोती;ऐसा तेरा लोक, वेदनानहीं,नहीं जिसमें अवसाद,जलना जाना नहीं, नहींजिसने जाना मिटने का स्वाद!क्या अमरों का लोक मिलेगातेरी करुणा का उपहार?रहने दो हे देव! अरेयह मेरा मिटने का अधिकार!...more
Listen in to a recitation of the famous poem “Adhikaar” by Mahadevi Verma.Lyrics in Hindi:वे मुस्काते फूल, नहींजिनको आता है मुर्झाना,वे तारों के दीप, नहींजिनको भाता है बुझ जाना;वे नीलम के मेघ, नहींजिनको है घुल जाने की चाहवह अनन्त रितुराज,नहींजिसने देखी जाने की राह|वे सूने से नयन,नहींजिनमें बनते आँसू मोती,वह प्राणों की सेज,नहीजिसमें बेसुध पीड़ा सोती;ऐसा तेरा लोक, वेदनानहीं,नहीं जिसमें अवसाद,जलना जाना नहीं, नहींजिसने जाना मिटने का स्वाद!क्या अमरों का लोक मिलेगातेरी करुणा का उपहार?रहने दो हे देव! अरेयह मेरा मिटने का अधिकार!
November 01, 2021Adhikaar - Mahadevi Verma2 minutesPlayListen in to a recitation of the famous poem “Adhikaar” by Mahadevi Verma.Lyrics in Hindi:वे मुस्काते फूल, नहींजिनको आता है मुर्झाना,वे तारों के दीप, नहींजिनको भाता है बुझ जाना;वे नीलम के मेघ, नहींजिनको है घुल जाने की चाहवह अनन्त रितुराज,नहींजिसने देखी जाने की राह|वे सूने से नयन,नहींजिनमें बनते आँसू मोती,वह प्राणों की सेज,नहीजिसमें बेसुध पीड़ा सोती;ऐसा तेरा लोक, वेदनानहीं,नहीं जिसमें अवसाद,जलना जाना नहीं, नहींजिसने जाना मिटने का स्वाद!क्या अमरों का लोक मिलेगातेरी करुणा का उपहार?रहने दो हे देव! अरेयह मेरा मिटने का अधिकार!...more
Listen in to a recitation of the famous poem “Adhikaar” by Mahadevi Verma.Lyrics in Hindi:वे मुस्काते फूल, नहींजिनको आता है मुर्झाना,वे तारों के दीप, नहींजिनको भाता है बुझ जाना;वे नीलम के मेघ, नहींजिनको है घुल जाने की चाहवह अनन्त रितुराज,नहींजिसने देखी जाने की राह|वे सूने से नयन,नहींजिनमें बनते आँसू मोती,वह प्राणों की सेज,नहीजिसमें बेसुध पीड़ा सोती;ऐसा तेरा लोक, वेदनानहीं,नहीं जिसमें अवसाद,जलना जाना नहीं, नहींजिसने जाना मिटने का स्वाद!क्या अमरों का लोक मिलेगातेरी करुणा का उपहार?रहने दो हे देव! अरेयह मेरा मिटने का अधिकार!