Pratidin Ek Kavita

Amaltaash | Anjana Varma


Listen Later

अमलताश / अंजना वर्मा


 (1)

उठा लिया है भार

इस भोले अमलताश ने

दुनिया को रोशन करने का

बिचारा दिन में भी

जलाये बैठा है करोड़ों दीये!


 (2)

न जाने किस स्त्री ने

टाँग दिये अपने सोने के गहने

अमलताश की टहनियों पर

और उन्हें भूलकर चली गई

 

 (3)


पीली तितलियों का घर है अमलताश

या सोने का शहर है अमलताश

दीवाली की रात है अमलताश

या जादुई करामात है अमलताश!

...more
View all episodesView all episodes
Download on the App Store

Pratidin Ek KavitaBy Nayi Dhara Radio