यह किताब, यदि आप 🔴 बचपन में हैं, तो मरते दम तक आपका बचपना जिंदा रखने में मददगार होगी। 🔴 पचपन में हैं, तो आगे 55 साल और जीने का हौसला देकर पथ प्रदर्शन करेगी। 🔴 बीच में हैं, तो भूतकाल की पीड़ा से मुक्त कर भविष्य के सपनों का सृजन करेगी। 🟦लेखक परिचय:- हिन्दी साहित्य, इतिहास, राजनीतिशास्त्र, कानून, चिकित्सा, मनोवैज्ञानिक मार्गदर्शन एवं परामर्श विषयों से शिक्षा उपरांत देश भर में यात्राओं सीखने सिखाने के कार्यों का 25 वर्षों का अनुभव। व्यक्तित्व विकास, सामाजिक विकास, वित्तीय प्रबंधन, समय प्रबंधन, आध्यात्मिक जागृति, मानवीय संबंध. जीवन दर्शन. योग, साधना, ध्यान, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, कृषि, ग्रामीण विकास जैसे विषयों पर 140 से अधिक प्रशिक्षण लेने व इन्हीं विषयों सहित सामाजिक न्याय, एवं चेतना विकास केंद्रित 400 से अधिक प्रशिक्षणों से 25 हजार से अधिक लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में योगदान। 5 लोगों से लेकर 50 हजार लोगों की जनसभा में अपने विचारों के प्रस्तुतीकरण से लोगों की जिंदगी में परिवर्तन लाने विगत 25 वर्ष से प्रेरक के रूप में सक्रिय। समाचार पत्र, पत्रिकाओं में लेखन के साथ विभिन्न पत्र पत्रिकाओं के संपादन का दायित्व निभाते हुये अपने लेखन को परिष्कृत किया।