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अनुच्छेद २१ में मेनका गांधी के वाद से पहले और बाद की स्थिति ।
पहले व्याख्या विस्तृत नहीं थी।दैहिक विशेषण लगा कर सीमित कर दिया था।
जबकि बाद में कहा गया कि प्राण का अधिकार केवल बैटिक अस्तित्व तक सीमित नहीं है । इसके अंतर्गत अन्य अधिकार जैसे जीविकोपार्जन, चिकित्सा, शिक्षा, एकांतता, लोक स्वास्थ्य पर्यावरण जैसे अन्य कई अधिकार शामिल किए गए।
By Nitin Batraअनुच्छेद २१ में मेनका गांधी के वाद से पहले और बाद की स्थिति ।
पहले व्याख्या विस्तृत नहीं थी।दैहिक विशेषण लगा कर सीमित कर दिया था।
जबकि बाद में कहा गया कि प्राण का अधिकार केवल बैटिक अस्तित्व तक सीमित नहीं है । इसके अंतर्गत अन्य अधिकार जैसे जीविकोपार्जन, चिकित्सा, शिक्षा, एकांतता, लोक स्वास्थ्य पर्यावरण जैसे अन्य कई अधिकार शामिल किए गए।