Article 1 to 395

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By P B ChaudharyEducationCourses
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Article 1 to 395 episodes

  • अनुच्छेद 11 - भारतीय संविधान [व्याख्या सहित]

    इस पॉडकास्ट में हम अनुच्छेद 11 (Article 1) को आसान भाषा में समझेंगे। इस विषय पर विस्तार से लेख उपलब्ध है आप चाहे तो उसे भी पढ़ सकते हैं और WonderHindi YT पर विडियो भी देख सकते हैं। सारे अनुच्छेद को access करने के लिए दिए गए लिंक का इस्तेमाल करें - Constitution Article Wise Read All Articles in English

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    11. संसद्‌ द्वारा नागरिकता के अधिकार का विधि द्वारा विनियमन किया जाना – इस भाग के पूर्वगामी उपबंधों की कोई बात नागरिकता के अर्जन और समाप्ति के तथा नागरिकता से संबंधित अन्य सभी विषयों के संबंध में उपबंध करने की संसद्‌ की शक्ति का अल्पीकरण नहीं करेगी ।

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    11. Parliament to regulate the right of citizenship by law. — Nothing in the foregoing provisions of this Part shall derogate from the power of Parliament to make any provision with respect to the acquisition and termination of citizenship and all other matters relating to citizenship.

    3 min
  • अनुच्छेद 10 - भारतीय संविधान [व्याख्या सहित]

    इस पॉडकास्ट में हम अनुच्छेद 10 (Article 1) को आसान भाषा में समझेंगे। इस विषय पर विस्तार से लेख उपलब्ध है आप चाहे तो उसे भी पढ़ सकते हैं और WonderHindi YT पर विडियो भी देख सकते हैं। सारे अनुच्छेद को access करने के लिए दिए गए लिंक का इस्तेमाल करें -

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    10. नागरिकता के अधिकारों का बना रहना – प्रत्येक व्यक्ति, जो इस भाग के पूर्वगामी उपबंधों में से किसी के अधीन भारत का नागरिक है या समझा जाता है, ऐसी विधि के उपबंधों के अधीन रहते हुए, जो संसद्‌ द्वारा बनाई जाए, भारत का नागरिक बना रहेगा ।

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    10. Continuance of the rights of citizenship — Every person who is or is deemed to be a citizen of India under any of the foregoing provisions of this Part shall, subject to the provisions of any law that may be made by Parliament, continue to be such citizen.

    3 min
  • अनुच्छेद 9 - भारतीय संविधान [व्याख्या सहित]

    इस पॉडकास्ट में हम अनुच्छेद 9 (Article 1) को आसान भाषा में समझेंगे। इस विषय पर विस्तार से लेख उपलब्ध है आप चाहे तो उसे भी पढ़ सकते हैं और WonderHindi YT पर विडियो भी देख सकते हैं। सारे अनुच्छेद को access करने के लिए दिए गए लिंक का इस्तेमाल करें - Constitution Article Wise Read All Articles in English


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    9. विदेशी राज्य की नागरिकता स्वेच्छा से अर्जित करने वाले व्यक्तियों का नागरिक न होना – यदि किसी व्यक्ति ने किसी विदेशी राज्य की नागरिकता स्वेच्छा से अर्जित कर ली है तो वह अनुच्छेद 5 के आधार पर भारत का नागरिक नहीं होगा अथवा अनुच्छेद 6 या अनुच्छेद 8 के आधार पर भारत का नागरिक नहीं समझा जाएगा |

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    9. Persons voluntarily acquiring citizenship of a foreign State not to be citizens.— No person shall be a citizen of India by virtue of article 5, or be deemed to be a citizen of India by virtue of article 6 or article 8, if he has voluntarily acquired the citizenship of any foreign State.

    4 min
  • अनुच्छेद 8 - भारतीय संविधान [व्याख्या सहित]

    इस पॉडकास्ट में हम अनुच्छेद 8 (Article 1) को आसान भाषा में समझेंगे। इस विषय पर विस्तार से लेख उपलब्ध है आप चाहे तो उसे भी पढ़ सकते हैं और WonderHindi YT पर विडियो भी देख सकते हैं। सारे अनुच्छेद को access करने के लिए दिए गए लिंक का इस्तेमाल करें - Constitution Article Wise Read All Articles in English

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    8. भारत के बाहर रहने वाले भारतीय उद्भव के कुछ व्यक्तियों के नागरिकता के अधिकार – अनुच्छेद 5 में किसी बात के होते हुए भी, कोई व्यक्ति जो या जिसके माता या पिता में से कोई अथवा पितामह या पितामही या मातामह या मातामही में से कोई (मूल रूप में यथा अधिनियमित) भारत शासन अधिनियम, 1935 में परिभाषित भारत में जन्मा था और जो इस प्रकार परिभाषित भारत के बाहर किसी देश में मामूली तौर से निवास कर रहा है, भारत का नागरिक समझा जाएगा, यदि वह नागरिकता प्राप्ति के लिए भारत डोमिनियन की सरकार द्वारा या भारत सरकार द्वारा विहित प्ररूप में और रीति से अपने द्वारा उस देश में, जहां वह तत्समय निवास कर रहा है, भारत के राजनयिक या काउंसिलीय प्रतिनिधि को इस संविधान के प्रारंभ से पहले या उसके पश्चात्‌ आवेदन किए जाने पर ऐसे राजनयिक या काउंसिल प्रतिनिधि

    द्वारा भारत का नागरिक रजिस्ट्रीकृत कर लिया गया है।

    3 min
  • अनुच्छेद 7 - भारतीय संविधान [व्याख्या सहित]

    इस पॉडकास्ट में हम अनुच्छेद 7 (Article 1) को आसान भाषा में समझेंगे। इस विषय पर विस्तार से लेख उपलब्ध है आप चाहे तो उसे भी पढ़ सकते हैं और WonderHindi YT पर विडियो भी देख सकते हैं। सारे अनुच्छेद को access करने के लिए दिए गए लिंक का इस्तेमाल करें - Constitution Article Wise Read All Articles in English


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    7. पाकिस्तान को प्रव्रजन करने वाले कुछ व्यक्तियों के नागरिकता के अधिकार – अनुच्छेद 5 और अनुच्छेद 6 में किसी बात के होते हुए भी, कोई व्यक्ति जिसने 1 मार्च 1947 के पश्चात्‌ भारत के राज्यक्षेत्र से ऐसे राज्यक्षेत्र को, जो इस समय पाकिस्तान के अंतर्गत है, प्रव्रजन किया है, भारत का नागरिक नहीं समझा जाएगा:


    परंतु इस अनुच्छेद की कोई बात ऐसे व्यक्ति को लागू नहीं होगी जो ऐसे राज्यक्षेत्र को, जो इस समय पाकिस्तान के अंतर्गत है, प्रव्रजन करने के पश्चात्‌ भारत के राज्यक्षेत्र को ऐसी अनुज्ञा के अधीन लौट आया है जो पुनर्वास के लिए या स्थायी रूप से लौटने के लिए किसी विधि के प्राधिकार द्वारा या उसके अधीन दी गई है और प्रत्येक ऐसे व्यक्ति के बारे में अनुच्छेद 6 के खंड (ख) के प्रयोजनों के लिए यह समझा जाएगा कि उसने भारत के राज्यक्षेत्र को 19 जुलाई 1948 के पश्चात्‌ प्रव्रजन किया है।

    4 min
  • अनुच्छेद 6 - भारतीय संविधान [व्याख्या सहित]

    इस पॉडकास्ट में हम अनुच्छेद 6 (Article 1) को आसान भाषा में समझेंगे। इस विषय पर विस्तार से लेख उपलब्ध है आप चाहे तो उसे भी पढ़ सकते हैं और WonderHindi YT पर विडियो भी देख सकते हैं। सारे अनुच्छेद को access करने के लिए दिए गए लिंक का इस्तेमाल करें - Constitution Article Wise Read All Articles in English


    6. पाकिस्तान से भारत को प्रव्रजन करने वाले कुछ व्यक्तियों के नागरिकता के अधिकार – अनुच्छेद 5 में किसी बात के होते हए भी, कोई व्यक्ति जिसने ऐसे राज्यक्षेत्र से जो इस समय पाकिस्तान के अंतर्गत है, भारत के राज्यक्षेत्र को प्रव्रजन किया है, इस संविधान के प्रारंभ पर भारत का नागरिक समझा जाएगा –


    (क) यदि वह अथवा उसके माता या पिता में से कोई अथवा उसके पितामह या पितामही या मातामह या मातामही में से कोई (मूल रूप में यथा अधिनियमित) भारत शासन अधिनियम 1935 में परिभाषित भारत में जन्मा था : और


    (ख) (1) जबकि वह व्यक्ति ऐसा है जिसने 19 जुलाई 1948 से पहले इस प्रकार प्रव्रजन किया है तब यदि वह अपने प्रव्रजन की तारीख से भारत के राज्यक्षेत्र में मामूली तौर से निवासी रहा है ; या


    (2) जबकि वह व्यक्ति ऐसा है जिसने 19 जुलाई 1948 को या उसके पश्चात्‌ इस प्रकार प्रव्रजन किया है तब यदि वह नागरिकता प्राप्ति के लिए भारत डोमिनियन की सरकार द्वारा विहित प्ररूप में और रीति से उसके द्वारा इस संविधान के प्रारंभ से पहले ऐसे अधिकारी को, जिसे उस सरकार ने इस प्रयोजन के लिए नियुक्त किया है, आवेदन किए जाने पर उस अधिकारी द्वारा भारत का नागरिक रजिस्ट्रीकृत कर लिया गया है।


    परंतु यदि कोई व्यक्ति अपने आवेदन की तारीख से ठीक पहले कम से कम छह मास भारत के राज्यक्षेत्र में निवासी नहीं रहा है तो वह इस प्रकार रजिस्ट्रीकृत नहीं किया जाएगा ।

    5 min
  • अनुच्छेद 5 - भारतीय संविधान [व्याख्या सहित]

    इस पॉडकास्ट में हम अनुच्छेद 5 (Article 1) को आसान भाषा में समझेंगे। इस विषय पर विस्तार से लेख उपलब्ध है आप चाहे तो उसे भी पढ़ सकते हैं और WonderHindi YT पर विडियो भी देख सकते हैं। सारे अनुच्छेद को access करने के लिए दिए गए लिंक का इस्तेमाल करें - Constitution Article Wise Read All Articles in English


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    5. संविधान के प्रारंभ पर नागरिकता – इस संविधान के प्रारंभ पर प्रत्येक व्यक्ति जिसका भारत के राज्यक्षेत्र में अधिवास है और-


    (क) जो भारत के राज्यक्षेत्र में जन्मा था, या


    (ख) जिसके माता या पिता में से कोई भारत के राज्यक्षेत्र में जन्मा था, या


    (ग) जो ऐसे प्रारंभ से ठीक पहले कम से कम पांच वर्ष तक भारत के राज्यक्षेत्र में मामूली तौर से निवासी रहा है,


    भारत का नागरिक होगा ।

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    5. Citizenship at the commencement of the Constitution— At the commencement of this Constitution, every person who has his domicile in the territory of India and—


    (a) who was born in the territory of India; or


    (b) either of whose parents was born in the territory of India; or


    (c) who has been ordinarily resident in the territory of India for not less than five years immediately preceding such commencement,


    shall be a citizen of India.

    5 min
  • अनुच्छेद 4 - भारतीय संविधान [व्याख्या सहित]

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    4. पहली अनुसूची और चौथी अनुसूची के संशोधन तथा अनुपूरक, आनुषंगिक और पारिणामिक विषयों का उपबंध करने के लिए अनुच्छेद 2 और अनुच्छेद 3 के अधीन बनाई गई विधियाँ – (1) अनुच्छेद 2 या अनुच्छेद 3 में निर्दिष्ट किसी विधि में पहली अनुसूची और चौथी अनुसूची के संशोधन के लिए ऐसे उपबंध अंतर्विष्ट होंगे जो उस विधि के उपबंधों को प्रभावी करने के लिए आवश्यक हों तथा ऐसे अनुपूरक, आनुषंगिक और पारिणामिक उपबंध भी (जिनके अंतर्गत ऐसी विधि से प्रभावित राज्य या राज्यों के संसद में और विधान-मंडल या विधान-मंडलों में प्रतिनिधित्व के बारे में उपबंध हैं) अंतर्विष्ट हो सकेंगे जिन्हें संसद आवश्यक समझे।


    (2) पूर्वोक्त प्रकार की कोई विधि अनुच्छेद 368 के प्रयोजनों के लिए इस संविधान का संशोधन नहीं समझी जाएगी।

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    4.  Laws made under Articles 2 and 3 to provide for the amendment of the First and the Fourth Schedules and supplemental, incidental and consequential matters – (1) Any law referred to in Article 2 or Article 3 shall contain such provisions for the amendment of the First Schedule and the Fourth Schedule as may be necessary to give effect to the provisions of the law and may also contain such supplemental, incidental and consequential provisions (including provisions as to representation in Parliament and in the Legislature or Legislatures of the State or States affected by such law) as Parliament may deem necessary


    (2) No such law as aforesaid shall be deemed to be an amendment of this Constitution for the purposes of Article 368.

    3 min
  • अनुच्छेद 3 - भारतीय संविधान [व्याख्या सहित]

    इस पॉडकास्ट में हम अनुच्छेद 3 (Article 1) को आसान भाषा में समझेंगे। इस विषय पर विस्तार से लेख उपलब्ध है आप चाहे तो उसे भी पढ़ सकते हैं और WonderHindi YT पर विडियो भी देख सकते हैं। सारे अनुच्छेद को access करने के लिए दिए गए लिंक का इस्तेमाल करें - Constitution Article Wise Read All Articles in English


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    3. नए राज्यों का निर्माण और वर्तमान राज्यों के क्षेत्रों, सीमाओं या नामों में परिवर्तन –

    संसद, विधि द्वारा –

    (क) किसी राज्य में से उसका राज्यक्षेत्र अलग करके अथवा दो या अधिक राज्यों को या राज्यों के भागों को मिलाकर अथवा किसी राज्यक्षेत्र को किसी राज्य के भाग के साथ मिलाकर नए राज्य का निर्माण कर सकेगी।

    (ख) किसी राज्य का क्षेत्र बढ़ा सकेगी;

    (ग) किसी राज्य का क्षेत्र घटा सकेगी ;

    (घ) किसी राज्य की सीमाओं में परिवर्तन कर सकेगी ;

    (ङ) किसी राज्य के नाम में परिवर्तन कर सकेगी ;———————

    1. Formation of new States and alteration of areas, boundaries or names of existing States –

    Parliament may by law –

    (a) form a new State by separation of territory from any States or by uniting two or more States or parts of States or by uniting any territory to a part of any State ;

    (b) increase the area of any State ;

    (c) diminish the area of any State ;

    (d) alter the boundaries of any State ;

    (e) alter the name of any State ;


    4 min
  • अनुच्छेद 2 - भारतीय संविधान [व्याख्या सहित]

    इस पॉडकास्ट में हम अनुच्छेद 2 (Article 1) को आसान भाषा में समझेंगे। इस विषय पर विस्तार से लेख उपलब्ध है आप चाहे तो उसे भी पढ़ सकते हैं और WonderHindi YT पर विडियो भी देख सकते हैं। सारे अनुच्छेद को access करने के लिए दिए गए लिंक का इस्तेमाल करें - Constitution Article Wise Read All Articles in English

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    2. नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना – संसद, विधि द्वारा, ऐसे निबंधनों और शर्तों पर, जो वह ठीक समझे, संघ में नए राज्यों का प्रवेश या उनकी स्थापना कर सकेगी।

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    2. Admission or Establishment of New States – Parliament may by law admit into the Union, or establish, new States on such terms and conditions as it thinks fit.

    2 min

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