पुस्तक अष्टावक्र गीता आचार्य प्रशांत जी द्वारा अष्टावक्र गीता के ऊपर किए गए प्रवचनों उपदेशों का संग्रह है और अष्टावक्र गीता में महाराज जनक द्वारा अष्टावक्र जी से जीवन के संबंध में ईश्वर के संबंध में आत्मा परमात्मा के संबंध में किए गए ढेर सारे प्रश्नों का उत्तर है और जिसको जानने के बाद महाराज जनक देह में रहते हुए भी विदेह हो गए जनक जी को अपनी आत्मा का परमात्मा दोनो का दर्शन हुआ। तो हमारे जनमानस में जो भ्रांतियां फैली हुई है परमात्मा को लेकर आत्मा को लेकर उसको दूर करने के लिए एक बहुत अच्छी पुस्तक है इसे आप खरीद करके मंगाए और पढ़ें अष्टावक्र गीता जो है बहुत अच्छी तो है ही लेकिन उस पर जो आचार्य प्रशांत जी द्वारा जो कुछ और विश्लेषण किया गया है वह अपने आप में बहुत अनूठा है धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद