अटल बिहारी बाजपेई जी ने 15 अगस्त 1947 की पूर्व संध्या पर यह कविता प्रस्तुत की जिसके अंदर देश के अंदर हालातों और पड़ोसी मुल्क में हिंदुओं पर अत्याचार कही बात की है । और उन्होंने इस कविता के अंदर अखंड भारत का सपना देखा है ।
अटल बिहारी बाजपेई जी ने 15 अगस्त 1947 की पूर्व संध्या पर यह कविता प्रस्तुत की जिसके अंदर देश के अंदर हालातों और पड़ोसी मुल्क में हिंदुओं पर अत्याचार कही बात की है । और उन्होंने इस कविता के अंदर अखंड भारत का सपना देखा है ।