यह अध्याय , उपन्यास के उस भाग को दर्शाता है जब रुनझुन का बचपन माँ बाप के स्नेह और प्यार में समाया हुआ था । जब वह सिर्फ एक नन्ही सी जान थी । यह भाग रुनझुन की माँ के द्वारा रचित है ।
यह अध्याय , उपन्यास के उस भाग को दर्शाता है जब रुनझुन एक नन्ही सी जान थी और उसका बचपन प्यार और स्नेह में समाया हुआ था।यह भाग उसकी माँ के द्वारा रचित किया गया है।
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This podcast is for hindi novel(Sahitya) narration in parts by yashasvi yadav.