
Sign up to save your podcasts
Or


कुछ तेरी कुछ मेरी बातेँ होती थीं
...याद है ना तुझे...कुछ ऐसी भी रातें होती थीं ... रातों के वो हसीन लम्हे जिनमें होती थीं...कुछ .....बदमाशियां तेरी और कुछ .....गुस्ताखियां मेरी
By Dr. Rajnish Kaushikकुछ तेरी कुछ मेरी बातेँ होती थीं
...याद है ना तुझे...कुछ ऐसी भी रातें होती थीं ... रातों के वो हसीन लम्हे जिनमें होती थीं...कुछ .....बदमाशियां तेरी और कुछ .....गुस्ताखियां मेरी