DHADKANE MERI SUN

DHADKANE MERI SUN

By Dr. Rajnish KaushikSociety & CultureRelationships
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DHADKANE MERI SUN episodes

  • PAIMANE TERI AANKHON SE...

    तू गुजर गई करीब से

    मेरा मयार छोड़ कर मैं डूब गया साकिया मोहब्बत में तेरी तेरा प्यार ओढ़कर ग़ज़ब का इश्क़ है मेरा धड़कनो से तू जाती ही नहीं कहीं तुझे क्या मालूम तेरे सारे दर्द मेरे हिस्से लिए थे मैंने पैमाने तेरी आँखों से जो पिये थे मैने कितने लम्हे रहगुज़र में तेरी जिये थे मैंने पैमाने तेरी आँखों से जो पिये थे मैंने...

    23 min
  • The last love letter

    क्या क्या गुज़री थी मुझपे जब तुमने मुझको ठुकराया था ऐसे ही दिन दिखलाने को बरसों दिल बहलाया था राख में ख़ाक हुआ था मैं जब खत तुमने मेरा जलाया था वह खत जो दिल था मेरा जिसमें हर लफ्ज मोहब्बत लिखा था मैने इश्क़ ही इश्क़ लिखा था मैने जो खूं से नाम लिखा था मैने जो नाम तुम्हारा लिखा था मैने आखिरी खत था वह मेरा जिसको तुमने जला दिया था फिर धुएं में उसको उड़ा दिया था ....धुएं में उसको उड़ा दिया था....l

    24 min
  • Waiting for you...

    कहते हैं कि वक़्त आदतन चीजों को संयमित कर देता है , मगर इंतजार...जो प्यार में होता है किसी का, वह अपनी जगह ढीठ बना रहता है, शून्य और अनंत के बीच फैले रिक्त स्थानो में...यह सोच कर कि तुम आओगी और पढ़़ोगी मेरी आँखों में लिखी वो सारी प्रार्थनाएं, जो ईश्वर से करता रहता हूँ मौन की डोर पकड़ कर...इस ख्याल से भी कि किसी तरह दिल बहल जाये, इन्तज़ार के पल ढल जायें, करार रातों के बेक़रारी में बदल जायें, जादू प्रेम का मेरे तुम्हारे ना आने की जिद पे कुछ यूँ चल जाये..कि ना चाह कर भी तुम पुकार लो मुझे...कि तुम ही से प्यार है...तुम्हारा इंतजार है....

    20 min
  • एक तरफ़ा प्यार

    मेरी सांसों में रहती है

    मगर आँखों से बहती है मैं तुझ बिन जी नहीं सकता धड़कने मेरी कहती हैं जो मिल जायेंगे मैं और तुम ज़मी जन्नत बनाऊंगा अमीरी हो या फकीरी हो सभी नखरे उठाऊंगा ज़माने भर की हर रौनक तेरे कदमो में लगाऊंगा कहेंगे लोग पागल जो गुज़र हद से भी जाऊँगा मरे सीने से लग के बस इतना सा ही कह दे तू मैं तेरी हूँ मै तेरी हूँ मैं तेरी हूँ..........

    18 min
  • Khwabon Ka Karvan

    Meri aankho me tairte hain Vo sare Khwab aaj bhi Jo dekhe the haseen vakt ki panah me hamne Socha tha ki nadi ki do dhar hain ham door tk bahenge Mil kr sagar me bhi sang hi rahenge Magar sakhat vakt aur kudrat k ek prahar ne pahle dard diya fir juda kiya fir jivan ka naksh hi badal diya Pal do pal sath chal hamara hr khwab kuchal diya.. ...aur fir.....ek yahan rah gaya-ek vahan chal diya...

    18 min
  • TERA - MERA HAI PYAAR AMAR

    तू वो ग़ज़ल है मेरी

    जिसमें तेरा होना तय है तू वो नज्म है मेरी जिसमें आज भी तेरी मौजूदगी तय है इसलिये नहीं... कि... तू मेरी दस्तरस में है बल्कि इसलिये...कि... तू आज भी मेरी नस - नस में है इसलिए हो चाहे ये कितना ही लंबा सफ़र ना थकेगा ना रुकेगा ये कारवाँ ना छूटेगी ये डगर क्यों कि... तेरा मेरा है प्यार अमर.....।

    23 min
  • TERA - MERA HAI PYAAR AMAR

    तू वो ग़ज़ल है मेरी

    जिसमें तेरा होना तय है तू वो नज्म है मेरी जिसमें आज भी तेरी मौजूदगी तय है इसलिये नहीं... कि... तू मेरी दस्तरस में है बल्कि इसलिये...कि... तू आज भी मेरी नस - नस में है इसलिए हो चाहे ये कितना ही लंबा सफ़र ना थकेगा ना रुकेगा ये कारवाँ ना छूटेगी ये डगर क्यों कि... तेरा मेरा है प्यार अमर.....।
    22 min
  • Love in the rain

    भीगे लम्हों के इश्क़ का, बस इतना सा फ़साना है l मिलन लाज़िमी है दीवानों का,, मौसम तो एक बहाना है ll ...ये उन दिनों की बात है, जब बादलों की चादर ओढ़कर दिन रात यूं ही गुजर रहे थे, फिर हुआ यूं कि एक दिन एक शाम ऐसी भी आयी...जब मैं और वो यानि..... भीगे भीगे दो मन - दो बदन बदन की वो अगन जिंदगी की हर उलझन से दूर जवानी में चूर बारिश की मस्ती में मगन सावन की वो पहली बारिश बूँदों की वो मदभरी चुभन होश खो चुके थे दो यौवन जब गिर रहा था आसमाँ से रिमझिम....वो सावन...

    45 min
  • Ek Ajnabi Haseena Se

    वो गुजरा हुआ वक़्त, और वो.... वो जब तन्हाइयों में मेरी, मेरा हमसफ़र हो गई कुछ दूर ही सही-मेरे साथ हो गयी तब, वीरानियां जिंदगी की महफ़िलों में तब्दील हो गयीं कुछ पल के लिये ही सही मैं उसमें और वो मुझमें खो गई ज़िस्म-ओ-जाॅ की सब जंजीरें टूटने को बेताब हो गयीं जब...एक अजनबी हसीना से यूँ ही मुलाक़ात हो गई....

    20 min
  • वो दिल कहाँ से लाऊं

    वो तरकीब कहाँ से लाऊं जो अतीत को हमारे मेरे दिल से मिटा दे वो मरहम कहाँ से लाऊं जो रिसते हुए ज़ख्मों को सुखा दे वो दिल कहाँ से लाऊं तेरी याद जो मिटा दे

    20 min

About DHADKANE MERI SUN

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Self composed various aspects of love, various feelings, sensations and colors of love with enchanting and melodious words of Hindi and Urdu language have been presented in a very poetic manner in…