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Self composed various aspects of love, various feelings, sensations and colors of love with enchanting and melodious words of Hindi and Urdu language have been presented in a very poetic manner in eve... more
FAQs about DHADKANE MERI SUN:How many episodes does DHADKANE MERI SUN have?The podcast currently has 165 episodes available.
December 28, 2025Teri marziवो लम्हे जो दर्द थे तेरा वो लम्हे जो फर्ज थे मेरा निभाये जो आँसुओं की धार में वो लम्हे जो मुझपे कर्ज़ थे तेरा.... मगर कह के एहसां , जता दिया तूने अपनों की फ़ेहरिस्त से हटा दिया तूने हुस्न और इश्क़ की जद्दोजहद में मैं गैर हूँ तल्ख लहजे में बता दिया तूने... फिर भी मैं दहकता रहा उसी आग में गाता रहा तुझी को ग़मों के साज़ में घुटता रहा- मरता रहा- रहा फिर भी जिंदा पुकारता ही रहा दिल की हर आवाज में मगर तूने नहीं समझी मेरी चाहत मेरी मर्जी गुरूर ए हुस्न में अपने सुनी ना दिल की एक अर्जी तेरी मर्जी...तेरी मर्जी...तेरी मर्ज़ी...more18minPlay
December 11, 2025Tumhara Intezarकहते हैं कि वक़्त आदतन चीजों को संयमित कर देता है , मगर इंतजार...जो प्यार में होता है किसी का, वह अपनी जगह ढीठ बना रहता है, शून्य और अनंत के बीच फैले रिक्त स्थानो में...यह सोच कर कि तुम आओगी और पढ़़ोगी मेरी आँखों में लिखी वो सारी प्रार्थनाएं, जो ईश्वर से करता रहता हूँ मौन की डोर पकड़ कर...इस ख्याल से भी कि किसी तरह दिल बहल जाये, इन्तज़ार के पल ढल जायें, करार रातों के बेक़रारी में बदल जायें, जादू प्रेम का मेरे तुम्हारे ना आने की जिद पे कुछ यूँ चल जाये..कि ना चाह कर भी तुम पुकार लो मुझे...कि तुम ही से प्यार है...तुम्हारा इंतजार है.......more20minPlay
December 04, 2025Mai aur meri tanhaiतेरी यादों में जलकर ये अहसास हुआ कि आग हो या प्यास...पानी से नहीं बुझती.... इसलिए ...मैं और मेरी तन्हाई...अक्सर ये बातेँ करते हैं कि... तुम होतीं ... तो कभी आँखों से पीते, कभी लबों से पीते... पैमाने मोहब्बतों वाले... हर ज़ाम में तेरी प्यास होती, हर घूंट में तेरी खुशबू हम घूंट- घूंट पीते पैमाने... मोहब्बतों वाले..... तुम होतीं... तो हर रात ये चांद भी मुस्कुराता, हम पे चाँदनी लुटाता हर सुबह होता जिक्र हर गुज़री रात का हर जज्ब हममे ढल जाता... तुम होतीं..तो हवाएं भी हंसती फिज़ायें कदमों की आहट से बजतीं हर मौसम तुम्हारे इशारों पे ठहर जाता और आलम-ए- तन्हाई मुक्कमल हो जाता तुम होतीं..तो मेरे मन के सागर में ना जाने कितनी रंगीनियाँ होतीं... जीवन में सिर्फ़ रोशनियां होतीं... लबों पे सिर्फ़ प्यार ही प्यार होता नयनों में सरगोशियां होतीं.. तुम होतीं...तो मेरे शब्दों को अर्थ मिल गये होते मुरझाए गुल भी खिल गये होते... ...मैं और मेरी तन्हाई..अक्सर ऐसी ही बातेँ करते हैं.. ...दिन हो या रात...तुम्हारी ही राह तकते हैं......more32minPlay
October 30, 2025Gum hai kisi ke pyar meinसुनो...लौट आओगी क्या पुनः मिलकर वही कहानी दोहराओगी क्या पुनः वैसी ही हसीन शामों में प्यार के वैसे ही नगमें गुनगुनाओगी क्या पुनः लहरा के आंचल वो मोहब्बतों वाले फैलाके दामन वो शिद्दतों वाले रातों में नींद से जगाओगी क्या पुनः जानती हो... ये आंखे तरसती हैं आज भी तुम्हारे ही इंतजार में ये दिल ये पागल दिल मेरा आज भी गुम है तुम्हारे ही प्यार में......more18minPlay
October 09, 2025ISHQ : ek kashish - ek khalishTu hi subaha thi, tu hi shaam thi har raat k hr lamhe ka armaan thi aati jati hr saans me teri aahten thi do pal ki baaton me badi raahten thi teri dil nawaji ka mujhe bada guman tha Jism tha, aag thi, hr chhuan me ek dhuaan tha Ishq k mausam me Ishq jawaan tha Vo subha vo shaam...raaton k vo haseen armaan Vo husn murtaza vo lafz bejubaan Vo chhuan vo dhuan vo kashish vo tapish... tumhe haasil na kr pane vo khalish aaj bhi yaad hai mujhe......more19minPlay
October 02, 2025Tumhare jane ke bad...Tumhare jane k bad... Maine jana...ki prano k rahte hue bhi mrat ho jana.....kiya hota hai Jab chali gai tum mukt hokar iss jahan se...tab... tab maine jana ...ki jism se jaan ka chale jana...fir bhi jinda rahne ka abhinaya karna....kiya hota hai.. Yah sb maine jana... Tumhare jane k bad......more31minPlay
September 17, 2025SAIYAARA.... I love for ever - I love end everतू मुझमें और मैं तुझमे हूँ ख्वाब मेरा तू - मैं उसमें हूँ वादों में हूँ - इरादों में हूँ तू क्या जाने - किस किस में हूँ कब मिलेंगे - कहाँ मिलेंगे वक़्त का पहिया घूम रहा है दूर गगन में - अपनी मगन में दिल....SAIYAARA ....ढूँढ़ रहा है ...I...more21minPlay
September 12, 2025The Madness of Your Betrayalउल्फत की बातेँ जन्मों के वादे वो रस्में वो कसमें और जन्नत सी रातें कितने जवां और कितने थे पक्के पत्थर की मानिंद तेरे इरादे फिर भी तूने जुल्म ये ढाया क्यूँ बेवफा मुझे इतना रुलाया मोहब्बत थी या फिर आवारगी थी कैसी वो तेरी दीवानगी थी कैसी वो तेरी दीवानगी थी...........more27minPlay
August 28, 2025Chalo ek baar fir se...यह कोमल और चंचल मन मेरा, उससे दूर नहीं जाना चाहता, नजरों में बसा कर रखना चाहता है..बाहों के दरमियाँ ना सही..वो करीब से गुजर जाये.. बस. ऐसी अजनबी मुलाकातों में ही सही..। ना दर्द हो..ना गम हो ना बोझ हो इस दिल पर कोई राहे मोहब्बत में मुश्किलों के चलते.. गर हो छोड़ना.तो एक खूबसूरत सा मोड़ हो कोई...more27minPlay
August 21, 2025Vo...Alfaz...जो तुम तक ना पहुंचेकभी तेरे नैनों पे लिखा तो कभी नैनों के मोतियों पे लिखा कभी तेरे मासूम चेहरे पे लिखा तो कभी चेहरे की मासूमियत वाली बातों पे लिखा कभी इश्क़-ए - मिजाजी पे लिखा तेरी तो कभी इश्क़-ए-दगाबाजी पे लिखा कभी ग़ज़ल लिखी कभी गीत लिखा तो कभी खत-ए-मोहब्बत लिखा...more31minPlay
FAQs about DHADKANE MERI SUN:How many episodes does DHADKANE MERI SUN have?The podcast currently has 165 episodes available.