Pratidin Ek Kavita

Bhasha | Snehmayi Chaudhary


Listen Later

भाषा | स्नेहमयी चौधरी


यह नहीं कि 

उसे कोई शिकायत नहीं, 

लेकिन अब वह अपने पक्ष में 

कोई तर्क न देगी, 

न चाहेगी— 

लगाए गए आरोपों का 

कोई निराकरण। 

यह नहीं कि 

उसके पास कहने को 

कुछ नहीं, 

शायद यह कि 

बहुत कुछ है। 

अब कोई न पूछे 

उसके निजी दस्तावेज़, 

यही तो उसकी संपत्ति है। 

यद्यपि निष्क्रिय विद्रोह 

आज की भाषा नहीं : 

यह नहीं कि वह जानती नहीं। 

शायद यही उसके लिए 

सही भाषा की तलाश का 

एक तरीक़ा है। 


...more
View all episodesView all episodes
Download on the App Store

Pratidin Ek KavitaBy Nayi Dhara Radio