मोहब्बत की चाशनी से सनी इन पंक्तियों को सुनिए और महसूस कीजिये प्रेम की गहराई। गुरुत्वाकर्षण से बाहर निकलना फिर भी आसान है बनिस्पद किसी के प्रेम पाश से बाहर निकलने के।। Love Poetry || Love Lines
मोहब्बत की चाशनी से सनी इन पंक्तियों को सुनिए और महसूस कीजिये प्रेम की गहराई। गुरुत्वाकर्षण से बाहर निकलना फिर भी आसान है बनिस्पद किसी के प्रेम पाश से बाहर निकलने के।। Love Poetry || Love Lines