सिसोदिया
00:00:00
नमस्कार, सत श्री अकाल, आदाब, मैं हूं आपका अपना दोस्त सिसोदिया और आप सुन रहे हैं माय फर्स्ट पॉडकास्ट। आज की बात सीधी दिल पर लगने वाली है। खासकर जयपुर और राजस्थान के क्रिकेट फैंस के लिए। आईपीएल दो हज़ार 26 के पहले फेज का शेड्यूल आया और उसमें राजस्थान रॉयल्स के तीन घोषित होम मुकाबले गुवाहाटी में रखे गए हैं। जयपुर। शून्य और बात सिर्फ मैचों की संख्या की नहीं है। बात उन टीमों की है जो वहां जा रही है। चेन्नई सुपर किंग्स, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और मुंबई इंडियंस यानी बहुत से स्थानीय फैंस को इस फेज में धोनी, कोहली और रोहित को अपने शहर में देखने का मौका नहीं मिलेगा। यही सबसे बड़ा झटका है।
Speaker 2
00:01:12
यह स्टिंग जयपुर फैन। इट्स ब्लॉकबस्टर। लाइक यू ऑल। यह मैं प्लान विद यू फैमिली एंड बूम। द बिग टेक गेम्स, गुवाहाटी। बाइक राइड, लाइफ स्टाइल राइड।
सिसोदिया
00:01:37
बिल्कुल। और यहां एक बात साफ करनी जरूरी है। जो रिपोर्टिंग सामने आई है उसके मुताबिक राजस्थान रॉयल्स ने अपने दूसरे होमग्राउंड गुवाहाटी को पहले फेज के लिए प्राथमिकता देने का प्रस्ताव दिया था और बीसीसीआई ने उसे स्वीकार कर लिया। यानी यह केवल ऊपर से थोपा गया फैसला बताया नहीं जा रहा बल्कि फ्रेंचाइजी की तरफ से भी पहल की बात रिपोर्ट हुई है। अब फैंस के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है। अगर दूसरा होमग्राउंड था भी तो पहले फेज में जयपुर को पूरी तरह खाली क्यों रखा गया?
Speaker 2
00:02:15
है। कनफर्म्ड टू, बी फर्स्ट, फेज थ्री, गेम्स इन गुवाहाटी नं। इन जयपुर, रिपोर्टेड, आरा, गुवाहाटी। ओपनिंग स्ट्रेच बोर्ड, ए ग्रेड। क्लोज्ड कन्वर्सेशन फ्रॉम पॉजिटिव फैक्ट। क्रिस्टल क्लियर। जयपुर। मिस ग्लैमर फिक्स दैट चेंज सीजन बिफोर बोल बोल।
सिसोदिया
00:02:48
और देखिए जयपुर का रिश्ता। राजस्थान रॉयल से सिर्फ एक वेन्यू का रिश्ता नहीं है। यह पहचान का रिश्ता है। यह शहर कहता है टीम हमारे नाम से खेलती है, हमारी मिट्टी से जुडी है तो बड़े मैच भी यहां होनी चाहिए। जब चेन्नई, बेंगलुरु और मुंबई जैसी टीमें बाहर चली जाती है तो यह आर्थिक असर भी डालता है। स्थानीय उत्साह पर भी असर डालता है और प्रतीकात्मक चोट भी देता है।
Speaker 2
00:03:18
होटल ट्रैवल स्टार स्पोर्ट्स ने ग्रैंड मास्टर स्पोर्ट्स एडमिन, पीपल समटाइम्स, टॉक लाइक इट्स बॉक्स, स्कैंडल्स फैन्स, लिव इन रियल लाइफ एंड द सुपरस्टार, टाइम्स ऑफ द मैन सीजन, मार्की गेम।
सिसोदिया
00:03:41
और मैं। यहां एक बात और जोडूं। यह चर्चा इसलिए भी तेज हुई क्योंकि जयपुर को एक भी मैच नहीं मिला। सिर्फ कम मैच नहीं मिले। अगर एक या दो मुकाबले होते, बहस कुछ और होती। लेकिन पहले फेज में पूरा PoK और दूसरी तरफ गुवाहाटी में तीन तीन बड़े मुकाबले। तो नैचुरली लोगों को लगा कि मामला साधारण शेड्यूलिंग से बड़ा है।
Speaker 2
00:04:20
इस एंगल से सेकंड हैंड ग्राउंड, नॉर्मल आईपीएल सिस्टम, सेल्फ वेदर व आई कैचिंग प्रायोरिटी इन वन साइन, सीएसके, आरसीबी, एमआई द फैन कन्वर्सेशन, इटसेल्फ एवरीवन। वाय हेडलाइन नो इन्जॉय फोर बैंगलुरु, ट्रिपल वन।
सिसोदिया
00:04:53
यही तो और इसी वजह से आज का एपिसोड जरूरी है क्योंकि यह सिर्फ कैलेंडर की लाइनें नहीं हैं। यह उस भरोसे की बात है जो फैंस टीम पर रखते हैं। अगले हिस्से में हम बात करेंगे। क्या यह फैसला सिर्फ रणनीति था या इसके पीछे राजनीति, सुरक्षा, तैयारी और व्यवस्था के बड़े सवाल भी थे? अब आते हैं उस हिस्से पर जहां चर्चा और तेज हो जाती है। असम विधानसभा चुनाव का संदर्भ सामने आया और यह बात रिपोर्ट हुई कि गुवाहाटी को शुरुआती चरण में प्राथमिकता देने की खबर ने राजनीतिक अटकलों को हवा दी। ऊपर से बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया का असम से होना भी लोगों की चर्चा का हिस्सा बन गया। अब यहां सावधानी जरूरी है। इन बातों को निर्णायक प्रमाण की तरह नहीं, बल्कि सार्वजनिक चर्चा और परसेप्शन की तरह देखना चाहिए। क्योंकि शेड्यूलिंग डिसीजंस कई स्तरों पर होते हैं।
Speaker 2
00:06:08
डिस्टिंक्शन, फैन्स, कनेक्ट, क्विकली इन समटाइम्स, समटाइम्स नॉट इन पॉलिटिकल कन्वर्सेशन, बीसीसीआई ऑफिस फ्रॉम द पीपल, नेचुरली बट आई रेसिंग इज नॉट प्रूफ, राइट टू क्लीन ऑप्टिक्स। मेसी एंड स्पोर्ट्स। ऑप्टिक्स मैटर। ऑलमोस्ट मैच। पेपर वर्क।
सिसोदिया
00:06:35
सही कहा। लेकिन दूसरी तरफ सिर्फ पॉलिटिक्स वाली बात करके निकल भी नहीं सकते। क्योंकि सवाई मानसिंह स्टेडियम को लेकर भी गंभीर सवाल सामने आए। राष्ट्रीय रिपोर्टों में सुरक्षा। फैन, एक्सपीरियंस और इंफ्रास्ट्रक्चर पर चिंताएं दर्ज की गई। यानी मामला सिर्फ किसे फायदा मिला का नहीं। वेन्यू कितना तैयार था, कभी है? और यही वह बिंदु है, जहां बहस ज्यादा ठोस हो जाती है।
Speaker 2
00:07:15
इस बार स्टेडियम, जस्ट स्टैंड्स, एक्सेस रूट, क्राउड फ्लो होल्डिंग, इमरजेंसी प्लानिंग, हॉस्पिटैलिटी, ब्रॉडकास्ट, लॉजिस्टिक्स, स्पोर्टिंग हाइपर मैसिव इन रियलिटी बोर्ड, कन्सर्न वेन्यू फिटनेस, टाइनी फोर्टनाइट, एब्सोल्यूट गेम्स, स्पेशल फाइल्स।
Speaker 3
00:07:43
और रिपोर्टों के अनुसार।
सिसोदिया
00:07:44
राजस्थान रॉयल्स ने राज्य सरकार से इम्यूनिटी वेवर मांगा था। यह टेक्निकल टर्म है, लेकिन आसान भाषा में कहें तो जिम्मेदारी और कानूनी जोखिम से जुड़ी सुरक्षा ढाल जैसी चीज। वहीं बीसीसीआई की तरफ से वेन्यू प्रीपेड पर चिंता जताई गई। अब अगर एक तरफ फ्रेंचाइजी वेवर मांग रही है और दूसरी तरफ बोर्ड रेडीनेस पर सवाल उठा रहा है तो समझिए मामला सामान्य रूटीन अप्रूवल वाला नहीं था।
Speaker 2
00:08:21
एग्जैक्टली क्या है? आई एम नॉट रिक्वेस्ट। ऑटोमैटिकली मेन्स वेन्यू, अनसेफ और इम्पॉसिबल सिग्नल्स, अनरिजर्व्ड रिस्क एंड लायबिलिटी इश्यूज, बैकग्राउंड स्कोर, लाइक व्हेन यू वांट ओल्ड बाइक, हाइवे बाइक्स, लाइट्स। नेवर रन, मीन समवन नॉट कम फ्री साइन ऑफ।
सिसोदिया
00:08:45
और यहीं से राजस्थान के फैंस का गुस्सा भी समझ में आता है। अगर जयपुर जैसा इस्टैबलिश्ड वेन्यू इस स्थिति में है कि उस पर सुरक्षा, अनुभव और इंफ्रास्ट्रक्चर की बहस उठ रही है तो सवाल सिर्फ इस साल के आईपीएल का नहीं है। सवाल यह है कि हमारी मेजबानी की क्षमता पर यह स्थिति क्यों आई? किस स्तर पर समन्वय टूटा? फ्रैंचाइजी राज्य सरकार, स्थानीय प्रशासन, स्टेडियम मैनेजमेंट। कहां पर देरी हुई?
Speaker 2
00:09:22
फैन एक्सपीरियंस। मैट एडमिन समटाइम्स। मैट एंट्री। मैस फैसिलिटी फॉर मूवमेंट। सिक्युरिटी प्लानिंग, पीपुल रिमेम्बर द कॉम्प्लेक्स, गवर्नेंस इश्यू, गो माई डे आउट, वन बैड स्टेडियम एक्सपीरियंस कंटेंट ब्रांड प्रिटी क्विकली बिल्कुल।
सिसोदिया
00:09:48
और यही वजह है कि यह मुद्दा भावनात्मक भी है और प्रशासनिक भी। जो लोग सिर्फ पॉलिटिक्स देख रहे हैं, उन्हें व्यवस्था का पक्ष भी देखना चाहिए। और जो लोग सिर्फ स्टेडियम प्रीपेड नेस की बात कर रहे हैं, उन्हें यह भी समझना चाहिए कि परसेप्शन ऑफ फेवरेट फिल्म भी बन चुका है। दोनों बातें साथ साथ चल रही है और आज राजस्थान में यही चर्चा है। क्या जयपुर से मैच जाना मजबूरी थी या बेहतर तालमेल से इसे रोका जा सकता था?
Speaker 2
00:10:31
मिलियन क्वेश्चन है। इस मल्टीपल फैक्टर्स बिकॉज ऑफ थिंग्स, हैपन पॉलिटिक्स, स्टॉक, प्रिपेयर, ट्रबल, लीगल रिस्क रैंकिंग। सनी कैजुअल फैन्स।
सिसोदिया
00:10:50
अब आगे क्या? फिलहाल जो बात सामने आई है उसके मुताबिक 12 अप्रैल के बाद जारी होने वाले अगले शेड्यूल में जयपुर को बाकी चार मुकाबले मिलने की संभावना बताई जा रही है। ध्यान रहे यह संभावना है। अंतिम पुष्टि नहीं। लेकिन अगर ऐसा होता है तो जयपुर को सीजन के दूसरे हिस्से में वापसी का मौका मिलेगा। सवाल यह है कि क्या तब तक जो भरोसे की चोट लगी है, वह भर पाएगी?
Speaker 2
00:11:25
यह अभी क्या है? टाइमिंग मैटर्स, फर्स्ट इम्प्रेशन स्टिक, डिफेंस फील्ड सिटी साइडलाइन प्रीमियम, अर्ली स्लाइड लाइट फिक्सचर्स कंपलीटली। फुल्ली व्हाइट बोर्ड क्लीन।
सिसोदिया
00:11:42
और टीम के अंदर भी यह सीजन बदलाव का संकेत दे रहा है। संजू सैमसन के बाहर जाने के बाद 24 वर्षीय रियान पराग कप्तान के रूप में नई जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। यह अपने आप में बड़ा नैरेटिव है। एक युवा कप्तान, एक फ्रेंचाइजी जो आइडेंटिटी और होम बेस्ड डिबेट के बीच सीजन शुरू कर रही है और फैन बेस जो जवाब चाहता है यानी मैदान के अंदर और बाहर दोनों तरफ प्रेशर है।
Speaker 2
00:12:17
रियान कैरिंग रिस्पॉन्सिबिलिटी इज मैसिव यंग कैप्टन सी मीन्स मोनो एवरी डिसिजन, एवरी लॉस एवरी बॉडी लैंग्वेज, रीड ओनली लाउड क्रिकेट, हार्ड स्टडी रूम टास्क फोर्स चांस, समटाइम्स क्रैक टीम और शार्प।
सिसोदिया
00:12:43
सही कहा, लेकिन मैं फिर फ़ैन्स पर लौटूंगा क्योंकि मूल सवाल वही है। यह फैसला सिर्फ मैचों का बदलाव नहीं बनकर रह गया। यह राजस्थान क्रिकेट प्रशासन की क्षमता, फैन ट्रस्ट और राजस्थान रॉयल्स की ब्रांड स्ट्रैटजी तीनों पर सवाल बन गया है। अगर टीम राजस्थान के नाम से खेलती है तो उसे यह भी समझना होगा कि रीजनल प्राइड सिर्फ सोशल मीडिया पोस्ट से नहीं बनती, होम प्रेजेंस से बनती है।
Speaker 2
00:13:11
ब्रांड जस्ट लव जर्सी और फ्लैश प्रोमो। इट्स फैन्स फील सीन इफ यू लाइक सेकंड प्रायोरिटी, फर्स्ट फेज, ब्रूस फिक्स, ओनली अनाउंस फॉर गेम्स, लाइक इट, कम्यूनिकेशन, पीक, क्लियर, एक्सप्लेन, कनफर्म्ड, ट्रेंड, बीइंग, फिक्स्ड फैन्स, कैन, हैंडल, पेड, न्यूज, पेड न्यूज।
सिसोदिया
00:13:37
और शायद यही सबसे जरूरी बिंदु है। अगर सच में सुरक्षा, इम्यूनिटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रिपेरेशन की प्रैक्टिकल दिक्कतें थी तो उन्हें साफ भाषा में रखा जाना चाहिए। अगर शेड्यूलिंग कंपल्शन थी तो उनका भी स्पष्टीकरण होना चाहिए। क्योंकि खाली जगह अफवाह से भर जाती है और जब अफवाह भरती है तो भरोसा घटता है।
Speaker 2
00:14:14
पैरा टु पीपल, मैनिंग बिफोर बाइट लाइन मी फैन्स ऑन आस्किंग, मैजिक फॉर ऑनेस्टी एंड प्रॉपर होम सीजन।
सिसोदिया
00:14:28
तो आज की चर्चा का सार यही है। पहले फेज में जयपुर को मैच नहीं मिलना एक साधारण शेड्यूलिंग नोट नहीं बल्कि एक बड़ा संकेत है। आगे के शेड्यूल में जयपुर को मुकाबले मिलते हैं या नहीं, यह तो देखेंगे ही, लेकिन उससे भी ज्यादा देखना होगा कि इस पूरे प्रकरण से राजस्थान क्रिकेट व्यवस्था क्या सीखती है।
Speaker 2
00:14:58
कैजुअल आफ्टर शेव, नाइस, नो वाइल्ड स्विंग नाउ फैन्स, एव्री राइट टू आस्क क्वेश्चंस क्वेश्चन्स रियली।
सिसोदिया
00:15:09
आपकी क्या राय है हमें? आप बताएं। क्या यह मजबूरी थी? मिसमैनेजमेंट था या दोनों का मिक्स? मैं हूं आपका अपना दोस्त सिसोदिया।
Speaker 2
00:15:26
थैंक्स। भाई सिसोदिया।
सिसोदिया
00:15:31
धन्यवाद। धन्यवाद दोस्तों। फिर मिलेंगे। नमस्कार।
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Show Notes
इस पॉडकास्ट एपिसोड में राजस्थान रॉयल्स के आईपीएल 2026 के होम मैचों के शेड्यूल को लेकर उठे विवाद पर चर्चा हुई। "आपका अपना दोस्त सिसोदिया" ने जयपुर में मैच न होने...
Timestamps
आईपीएल शेड्यूल और जयपुर के फैंस की निराशा (00:00:00) राजस्थान रॉयल्स के होम मैच गुवाहाटी में, जयपुर को कोई मैच नहीं, फैंस को बड़ा झटका।
**फैंस की प्रतिक्रि...
Titles
- क्या राजस्थान रॉयल्स के फैंस को गुवाहाटी में मैचों का सामना करना पड़ेगा?
- आईपीएल के सबसे बड़े विवाद: