'लब्धप्रनाशम,' नामक यह कहानी हमें संदेश देती है कि एक बार विश्वास का हनन कर चुके व्यक्ति पर दुबारा विश्वास नहीं करना चाहिये। भूखे आदमी का कोई भरोसा नहीं। वहीं ओछे लोगों के दिल में भी कोई दया नहीं होती।
यह कहानी विष्णुशर्मा द्वारा रचित पंचतन्त्र से ली गई है। यह कहानी एक धोखेबाज बगुले की है जो एक भगत का नाटक कर मछलियों का विश्वास जीत लेता है और बाद में उन्हें मार कर खा जाता है। फिर क्या होता है यह जानने के लिए सुनिये यह कहानी।