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वह रिश्ता जो मेरी इबादतों का परिणाम था, वह रिश्ता जो मेरी कोशिशों का अंजाम था , झूठे इक़रार और एतबार के अग्निकुण्ड में स्वाहा हो गया...शायद इसीलिए वह दिल जो जो सिर्फ उसी के लिए धड़कता था, धड़कना भूल गया........दिल ही तो था...पत्थर थोड़ी था...टूट गया
By Dr. Rajnish Kaushikवह रिश्ता जो मेरी इबादतों का परिणाम था, वह रिश्ता जो मेरी कोशिशों का अंजाम था , झूठे इक़रार और एतबार के अग्निकुण्ड में स्वाहा हो गया...शायद इसीलिए वह दिल जो जो सिर्फ उसी के लिए धड़कता था, धड़कना भूल गया........दिल ही तो था...पत्थर थोड़ी था...टूट गया