DINESH MANI Creations

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DINESH MANI Creations episodes

  • Sabse Khatarnak Hota Hai

    सबसे खतरनाक होता है, हमारे सपनों का मर जाना_अवतार सिंह संधू “पाश” Narrated by Dinesh Mani

    मेहनत की लूट सबसे खतरनाक नहीं होती

    पुलिस की मार सबसे खतरनाक नहीं होती

    गद्दारी, लोभ की मुट्ठी सबसे

    खतरनाक नहीं होती

    बैठे बिठाए पकड़े जाना

    बुरा तो है

    सहमी सी चुप्पी में जकड़े

    जाना बुरा तो है

    पर सबसे खतरनाक नहीं होता

    सबसे खतरनाक होता है मुर्दा शांति से भर जाना

    ना होना तड़प का सब कुछ सहन कर जाना

    घर से निकलना काम पर और काम से लौट कर घर आना

    सबसे खतरनाक होता है हमारे सपनों का मर जाना

    सबसे खतरनाक होती है,

    कलाई पर चलती घडी, जो वर्षों से स्थिर है।

    सबसे खतरनाक होती है वो आंखें

    जो सब कुछ देख कर भी पथराई सी है

    वो आंखें जो संसार को प्यार से निहारना भूल गयी है

    वो आंखें जो भौतिक संसार

    के कोहरे के धुंध में खो गयी हो जो भूल गयी हो दिखने वाली वस्तुओं के सामान्य अर्थ और खो गयी हो व्यर्थ
    के खेल के वापसी में सबसे खतरनाक होता है वो चांद जो प्रत्येक हत्या के बाद उगता है सूने हुए आंगन में जो चुभता भी नहीं आंखों
    में गर्म मिर्च के समान सबसे खतरनाक होता है वो गीत जो मातमी विलाप के साथ कानों में पडता है और दुहराता है बुरे आदमी की दस्तक डरे हुए लोगों के दरवाजेपर मेहनत की लूट सबसे खतरनाक नहीं होती पुलिस की मार सबसे खतरनाक नहीं होती गद्दारी, लोभ की मुट्ठी सबसे खतरनाक नहीं होती सबसे खतरनाक होता है, हमारे सपनों का मर जाना

    4 min
  • Main Andhbhakt Hu by Dinesh Mani

    Written by Amber Arondekar & Narrated by Dinesh Mani

    पहले सहिष्णु था, नरम था, अब सख्त हूं,

    तुम चाहे जो कह लो मैं भक्त हूं अंधभक्त हूँ।

     

    तुमने कहा हिंदी

    चीनी भाई भाई,

    तुम्हीं ने

    गंगा-जमनी तहज़ीब सिखाई,

    जो कट चुका हूँ कई

    बार मैं वो ही दरख़्त हूं।

    तुम चाहे जो कह लो मैं भक्त हूं हां अंधभक्त हूँ।

     

    अहिंसा का पाठ बस

    मुझे ही पढ़ाया गया,

    मेरे देश में मुझे

    ही रेफ्यूजी बनाया गया।

    नाकारा कई बैठते

    रहे मुझपर मैं दिल्ली का तख्त हूं

    तुम चाहे जो कह लो मैं भक्त हूं हां अंधभक्त हूँ।

     

    राम के अस्तित्व को

    तुमने नकारा,

    अकेले रहीम को

    तुमने दुलारा,

    बरसों बरस तक हमको

    दुत्कारा,

    जो देर से सही मगर

    बदला है वो वक्त हुं,

    तुम चाहे जो कह लो मैं भक्त हूं हां अंधभक्त हूँ।

     

    शीश अक्सर मेरे कटे, खेत खलिहान मेरे लुटे,

    आक्रांताओं के हाथ

    तुम लोग बिके,

    जो बह रहा है

    कश्मीर और बंगाल में

    मैं वही हिंदू

    शोणित हुं रक्त हूं,

    तुम चाहे जो कह लो मैं भक्त हूं हां अंधभक्त हूँ।

     

    तुम चाहते हो हम

    फिर बंट जाएं,

    तुम चाहते हो हम

    फिर कट जाएं

    तुम्हारे स्वार्थ

    पथ से,

    महाराणा और वीर

    शिवाजी के वंशज हट जाएं

    अपने राष्ट्र से

    अपनी पहचान से आसक्त हूं

    तुम चाहे जो कह लो मैं भक्त हूं हां अंधभक्त हूँ।

     

    अब परदे हमारी

    आंखों से हट गये हैं,

    इसीलिए तुम्हारी

    आंखों में खटक गये हैं।

    अब अहिंसा और झूठे

    भाईचारे से विरक्त हूँ

    तुम्हारे साथ या

    तुम्हारे बिना मैं भक्त हूँ, हां मैं अंधभक्त हूँ।

     

    - एक अंध अनन्य भक्त

    3 min
  • Jeevan Ka Pahiya Cover Song From Woh 3 Din

    Cover Song By Dinesh Mani-DAG MAG MAG DAG

    Movie-: Wo 3 Din

    ORIGINAL CREDITS: Song : Dagmag

    Music : Raaj Aashoo   Lyrics : Seepi Jha

    Singer :Sanjay Mishra             Music Production :Aditya Dev                         Mixed and Mastered : Aditya Dev

    Written By:Seepi Jha               Directed By:Raaj Aashoo        Produced By:Pancham Singh

    Co-Produced By:Dhirendra Shukla & Kalapi Nagada             Associate Producer:Harjinder Singh Gil

    Dop:Jigar Khan    Editor:Amit Aanand     Art:Sandhya Sharma Artwork & Motion Video: Abhinay Soni

    3 min
  • Unplugged Version Tum Nahi Gham Nahi Sharab Nahi

    TUM NAHI GHAM NAHI SHARAN NAHI

    AISI TANHAYI KA JAWAB NAHI

    Presenting One of the Most iconic Ghazals by Jagjit Singh in a all new Style

    Original Singer & Music By- Jagjit Singh

    Recreated Music by -:Madhuparna.

    Vocal Recreated by Dinesh Mani

    5 min
  • Sab Kuch Raam Hi Hain| The Definition of Lord Raam in Simple words

    Sab Kuch Raam Hi Hain

    The Definition of Lord Raam in Simple words

    Full Video-: https://youtu.be/N6IYjK2ZL-k


    A Dinesh Mani Narration

    राम शब्द में दो अर्थ व्यंजित हैं। सुखद होना और ठहर जाना जैसे अपने

    मार्ग से भटका हुआ कोई पथिक किसी सुरम्य स्थान को देखकर ठहर जाता है। हमने सुखद
    ठहराव का अर्थ देने वाले जितने भी शब्द गढ़े, सभी में राम
    अंतर्निहित है, यथा आराम, विराम, विश्राम, अभिराम, उपराम, ग्राम

    जो रमने के लिए विवश कर दे, वह राम

    जीवन की आपाधापी में पड़ा अशांत मन जिस आनंददायक गंतव्य की सतत तलाश

    में है, वह गंतव्य है राम

    भारतीय मन हर स्थिति में राम को साक्षी बनाने का आदी है।

    दुःख में हे राम,

    पीड़ा में अरे राम,

    लज्जा में हाय राम,

    अशुभ में अरे राम राम, 

    अभिवादन में राम राम,

    शपथ में रामदुहाई,

    अज्ञानता में राम जाने,

     

    अनिश्चितता में राम भरोसे,

     

    अचूकता के लिए रामबाण,

     

    मृत्यु के लिए रामनाम सत्य,

     

    सुशासन के लिए रामराज्य

     

    जैसी अभिव्यक्तियां पग-पग पर राम को साथ  rakhti  हैं।

    राम भी इतने सरल हैं कि हर जगह खड़े हो जाते हैं। हर भारतीय उन पर अपना अधिकार
    मानता है। जिसका कोई नहीं उसके लिए राम हैं- निर्बल के बल राम। असंख्य बार देखी
    सुनी पढ़ी जा चुकी रामकथा का आकर्षण कभी नहीं खोता। राम पुनर्नवा हैं। हमारे भीतर
    जो कुछ भी अच्छा है, वह राम है। जो शाश्वत है, वह राम हैं।

    सब-कुछ लुट जाने के बाद जो बचा रह जाता है, वही तो राम है।

    घोर निराशा के बीच जो उठ खड़ा होता है, वह भी राम ही है।

    3 min

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