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Listen in to a recitation of the famous poem “Jo Beet Gayi So Baat Gayi” by Atal Bihari Vajpayee.
Lyrics in Hindi:
-पहली अनुभूति
बेनकाब चेहरे हैं, दाग बड़े गहरे हैं
लगी कुछ ऐसी नज़र बिखरा शीशे सा शहर
पीठ मे छुरी सा चांद, राहू गया रेखा फांद
-दूसरी अनुभूति
टूटे हुए तारों से फूटे बासंती स्वर
प्राची मे अरुणिम की रेख देख पता हूं
टूटे हुए सपनों की कौन सुने सिसकी
काल के कपाल पे लिखता मिटाता हूं
By aksListen in to a recitation of the famous poem “Jo Beet Gayi So Baat Gayi” by Atal Bihari Vajpayee.
Lyrics in Hindi:
-पहली अनुभूति
बेनकाब चेहरे हैं, दाग बड़े गहरे हैं
लगी कुछ ऐसी नज़र बिखरा शीशे सा शहर
पीठ मे छुरी सा चांद, राहू गया रेखा फांद
-दूसरी अनुभूति
टूटे हुए तारों से फूटे बासंती स्वर
प्राची मे अरुणिम की रेख देख पता हूं
टूटे हुए सपनों की कौन सुने सिसकी
काल के कपाल पे लिखता मिटाता हूं