संत योहन रचित सुसमाचार अध्याय 5 में वर्णित घटनाएँ येरूसालेम में घटित हुयीं। संत योहन रचित सुसमाचार अध्याय 5 का वर्णन इस प्रकार है :-
येरूसालेम में एक रोगी को स्वास्थ्यलाप – अड़तीस वर्षों से बीमार पड़ा हुआ एक असहाय और आशाहीन व्यक्ति को प्रभु चँगा करते हैं। यहाँ प्रभु स्वयं जाकर पूछते हैं, “क्या तुम अच्छा हो जाना चाहते हो?”। क्योंकि वह प्रभु नहीं जनता था। यह चंगाई प्रभु के विरोधियों को और क्रोधित करती है। क्योंकि प्रभु विश्राम के दिन उसे चँगा किये थे। साथ ही साथ प्रभु येसु ईश्वर को अपना निजी पिता कहकर पुकारते थे जो यहूदी धर्म के अनुसार ईशनिंदा है। ये दो कारण हैं क्यों यहूदी नेता प्रभु को नष्ट करना चाहते थे।
मसीह का अधिकार – संत योहन रचित सुसमाचार में प्रभु येसु पूर्ण रूप से अधिकार के साथ दिखाई देते हैं। यहाँ सबकुछ उनके अधीन दिखाई देता है। प्रभु येसु का अधिकार का स्रोत और कारण उनका अपने पिता के साथ व्यक्तिगत सम्बन्ध है।
मसीह के विषय में साक्ष्य – प्रभु येसु का साक्ष्य धर्मग्रन्थ, मूसा और योहन बपतिस्ता देते हैं। लेकिन प्रभु कहते हैं कि वे इनके साक्ष्य पर निर्भर नहीं हैं। वे केवल उनके पिता के साक्ष्य पर निर्भर हैं जो उनके कार्यों पर प्रकट होता है।
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