Gyaan Sagar
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Gyaan Sagar episodes

  • राजा उपरिचर से वेदव्यास जी तक: एक महाकाव्य कथा
    इस वीडियो में जानिए वेदव्यास जी के अद्भुत जन्म की रोचक कथा। राजा उपरिचर, उनकी रानी गिरिका और महर्षि पराशर के साथ जुड़ी घटनाओं से भरपूर यह कथा आपके दिल को छू जाएगी। राजा उपरिचर ने अपनी तपस्या से देवराज इंद्र को प्रसन्न किया और एक विमान तथा एक विशेष माला प्राप्त की थी। लेकिन उनका मन रानी के साथ प्रेमपूर्ण संबंधों की ओर आकर्षित हो गया, और इसी घटनाक्रम ने जन्म लिया एक अकल्पनीय कथा को, जिसमें मछली और आकाशीय संघर्ष शामिल थे।आपको सुनने को मिलेगा कैसे मछली के पेट से जन्मे बालक और बालिका का जीवन बदल गया और कैसे महर्षि पराशर के साथ एक अद्वितीय घटना ने सत्यवती (मत्स्यगंधा) को नया जीवन दिया। अंत में यमुना के द्वीप में जन्मे बालक ने महान वेदव्यास जी के रूप में पूरी दुनिया को चमत्कृत किया। वेदव्यास जी का नाम कृष्ण द्वैपायन था और उनका जीवन भारतीय पुराणों में अमिट छाप छोड़ गया।आइए, इस वीडियो के माध्यम से हम जानें कैसे यह अद्भुत कथा हमारे पौराणिक इतिहास का हिस्सा बनी और वेदव्यास जी की महानता को समझें। 🔔 **Subscribe करें और जुड़े रहें और भी अद्भुत कथाओं के साथ!**#VedaVyasa #VedaVyasaKaJanm #HinduMythology #AncientIndia #SageVyasa #KingUparichar #Satyavati #Mahabharat #MythologicalStory

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    6 min
  • पंचसिद्धान्तिका से लेकर बृहज्जातक तक: वराहमिहिर के अद्वितीय ग्रंथ
    वराहमिहिर, पाँचवीं-छठी शताब्दी के महान भारतीय गणितज्ञ और खगोलशास्त्री, जिन्होंने विज्ञान और ज्योतिष के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान दिया। उन्होंने अपने प्रसिद्ध ग्रंथ पंचसिद्धान्तिका में अयनांश के मान को 50.32 सेकेंड के बराबर बताया और खगोलशास्त्र के सिद्धांतों को नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया। उज्जैन के कापित्थक में स्थापित उनका गुरुकुल सात सौ वर्षों तक गणित और विज्ञान का केंद्र बना।इस वीडियो में जानें वराहमिहिर के जीवन के बारे में, उनके द्वारा किए गए महत्वपूर्ण शोध, और उनके द्वारा रचित ग्रंथों के बारे में। पंचसिद्धान्तिका, बृहत्संहिता, बृहज्जातक और वृहत संहिता जैसे ग्रंथों के माध्यम से उन्होंने खगोलशास्त्र, गणित, भविष्यशास्त्र और कृषि विज्ञान के क्षेत्र में क्या योगदान दिया, यह जानने के लिए इस वीडियो को पूरा देखें।वराहमिहिर ने अपने जीवन में अनेक महत्वपूर्ण भविष्यवाणियाँ कीं, जिनमें से एक राजा विक्रमादित्य के पुत्र की मृत्यु का भविष्यवाणी भी थी, जो बिल्कुल सही साबित हुई। उनकी मुलाकात आर्यभट से हुई, जिन्होंने उन्हें खगोलशास्त्र में और गहरी रुचि और ज्ञान दिया।वराहमिहिर का कार्य न केवल भारत, बल्कि वैश्विक विज्ञान और गणित के इतिहास में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ है। इस वीडियो में हम उनके जीवन, कार्य और विचारों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।#Varahamihira #IndianAstronomer #Mathematician #HistoryOfScience #VedicScience #Astronomy #AncientIndia #PanchSiddhantika #BhavishyaShastra #AstronomyInIndia👉 *कृपया वीडियो को लाइक, कमेंट और सब्सक्राइब करें, ताकि आप और भी ऐतिहासिक और पौराणिक कथाओं का आनंद ले सकें।*

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    8 min
  • कौरव-पांडव संघर्ष: भीष्म की भूमिका और युधिष्ठिर-अर्जुन का संघर्ष
    इस वीडियो में जानें प्राचीन भारत के महान कौरव राजवंश के महत्वपूर्ण पात्रों, शांतनु और भीष्म के बारे में। शांतनु, जिनकी कथा गंगा के साथ विवाह और उनके पुत्र देवव्रत (भीष्म) के जन्म से जुड़ी हुई है, एक महान योद्धा और सम्राट थे। भीष्म की प्रतिज्ञा, जो उन्हें 'भीष्म' के नाम से प्रसिद्ध बनाती है, उनके जीवन का एक अद्वितीय मोड़ है।यह वीडियो इस महाकाव्य में प्रवेश करता है, जिसमें शांतनु और भीष्म की प्रमुख घटनाओं और संघर्षों का विवरण किया गया है, जैसे सत्यवती से विवाह, भीष्म की कठिन प्रतिज्ञा, और उनकी भूमिका के बारे में। भीष्म का जीवन एक महान नायक के रूप में प्रस्तुत होता है, जिन्होंने धर्म, नीति और कर्तव्य की मिसाल कायम की।हम आपको लेकर चलेंगे महाभारत के समय में, जहाँ दुर्योधन और अर्जुन के बीच शस्त्र विद्या की परीक्षा, गुरु द्रोण से शिक्षा, और कर्ण के साथ द्वंद्वयुद्ध की तैयारी के दृश्य भी दिखाए जाएंगे। साथ ही जानें, कैसे इन पात्रों ने भारतीय इतिहास और संस्कृति में अपनी अमिट छाप छोड़ी।#शांतनु #भीष्म #महाभारत #पौराणिककथाएँ #इतिहास #धर्म #भारतीयकथा👉 *कृपया वीडियो को लाइक, कमेंट और सब्सक्राइब करें, ताकि आप और भी ऐतिहासिक और पौराणिक कथाओं का आनंद ले सकें।*

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    14 min
  • जीवन के रहस्यों को जानने की कुंजी रेखाएं

    हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार, हथेली में बनी रेखाएं व्यक्ति के मानसिक दबाव और घटनाओं के प्रभाव का प्रतीक होती हैं। जब कोई महत्वपूर्ण घटना घटती है, तो उसका प्रभाव मस्तिष्क पर पड़ता है और वह प्रभाव हाथ की रेखाओं में छोटे-छोटे बदलाव के रूप में दिखाई देता है। इन रेखाओं का अध्ययन करके हम न केवल अतीत की घटनाओं को समझ सकते हैं, बल्कि भविष्य में होने वाली घटनाओं के बारे में भी अनुमान लगा सकते हैं। यह विज्ञान ईश्वर द्वारा रचित मानव शरीर के रहस्यों को उजागर करता है और हर रेखा का विशेष उद्देश्य होता है।

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    3 min
  • आपकी जन्मपत्रिका क्या रंग लाएगी ?
    ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों और नक्षत्रों के प्रभावों को समझने के लिए हम ग्रहों की युति का अध्ययन करते हैं। किसी भी ग्रह की स्थिति और उसका दूसरे ग्रहों से संबंध व्यक्ति के जीवन पर प्रभाव डालते हैं। ग्रहों की सकारात्मक और नकारात्मक युति व्यक्ति के जीवन में शुभ या अशुभ फल का कारण बनती है। इस व्याख्यान में हम अच्छे और बुरे ग्रहों की युति के प्रभावों को विस्तार से समझेंगे।

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    11 min
  • चर्वण दर्शन : क्या है नास्तिक दृष्टिकोण पर चर्चा
    इस एपिसोड में हम भारतीय आस्तिक दर्शनशास्त्र के गहरे और जटिल विषयों पर चर्चा करेंगे। इस एपिसोड में हम जानेंगे कि कैसे शब्द को नित्य और स्वयम्भू माना जाता है, और क्यों वेद को अपौरुषेय (ईश्वरप्रणीत) माना गया है।

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    4 min

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Welcome to *Gyaan Sagar*, your portal to ancient wisdom and mystic knowledge. In this podcast, we dive deep into the realms of astrology, vastu, mythology, and other occult sciences, unraveling the…