सरकारें ही कानून व्यवस्था बिगाड़ने में लग जाएं तो लोकतंत्र की मूल अवधारणा ही चोटिल होती है Harsh Vardhan Tripathi ki Batangad में वरिष्ठ पत्रकार हर्ष वर्धन त्रिपाठी बता रहे हैं कि महाराष्ट्र बंद में जो कुछ हुआ है, लोकतंत्र को किस तरह से शर्मसार करने वाला है