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इच्छाएँ । आस्तीक वाजपेयी
लकड़ी की अलमारी पर धूल,
उनसे चिपकी दीवार पर टँगी इच्छाएँ।
जैसे मैं अलमारी को,
वैसे पूरी न हुई इच्छाएँ मुझे,
झाड़ने आती हैं।
By Nayi Dhara Radioइच्छाएँ । आस्तीक वाजपेयी
लकड़ी की अलमारी पर धूल,
उनसे चिपकी दीवार पर टँगी इच्छाएँ।
जैसे मैं अलमारी को,
वैसे पूरी न हुई इच्छाएँ मुझे,
झाड़ने आती हैं।