स्मार्ट एमपी का संकल्प: विकास की दौड़ या दिखावे की दौड़?
क्या ‘स्मार्ट मध्यप्रदेश’ का सपना हकीकत की ओर बढ़ रहा है या फिर यह केवल घोषणाओं तक सीमित है?
राज्य सरकार ने जब स्मार्ट एमपी की अवधारणा रखी, तो उम्मीदें भी बड़ी थीं—बेहतर बुनियादी ढांचा, तकनीक से युक्त प्रशासन, रोजगार के अवसर और निवेश की नई धाराएं। लेकिन ज़मीनी सच्चाई क्या है?
क्या इन दावों का असर जनता की जिंदगी पर भी हो रहा है या यह सिर्फ कॉन्फ्रेंस हॉल्स और प्रेजेंटेशन्स तक सीमित है?
इस एपिसोड में उठाएंगे वही सवाल जो आम नागरिक के मन में हैं—स्मार्ट एमपी का मतलब क्या सिर्फ इंडस्ट्रियल मॉडल है या सामाजिक और नागरिक सुधार भी शामिल हैं?
स्मार्ट सिटी और स्मार्ट एमपी में क्या फर्क है?
क्या सरकार की नीतियां निवेश लाने के लिए पर्याप्त हैं?
बीजेपी और कांग्रेस की दृष्टि में ‘स्मार्ट एमपी’ की परिभाषा कैसी है?
क्या इस योजना से आम नागरिक की जिंदगी बेहतर हो रही है या सब कुछ बस विज्ञापन है?
Agenda Points:
* स्मार्ट एमपी की मूल अवधारणा और वास्तविक प्रगति
* निवेश सम्मेलन बनाम जमीनी निवेश
* औद्योगिक विकास के साथ सामाजिक सुधार की जरूरत
* बीजेपी बनाम कांग्रेस: कौन है ज़मीनी विजन के करीब?
* जनता की अपेक्षाएं और सरकार की जवाबदेही
Host:
योगीराज योगेश जी
Panellists:
डॉ. प्रेम व्यास जी – मीडिया पैनलिस्ट, मप्र भाजपा
स्वदेश शर्मा जी – प्रवक्ता, मप्र कांग्रेस
देवेंद्र दुबे जी – वरिष्ठ पत्रकार
CTA (Call-To-Action):
इस पॉडकास्ट को सुनने के लिए क्लिक करें: https://pod.link/1772547941
वीडियो देखने के लिए हमारे यूट्यूब चैनल पर जाएं और सब्सक्राइब करें: http://www.youtube.com/@IND24AMPL/?sub_confirmation=1
सुनिए और जानिए 'स्मार्ट एमपी' के संकल्प की हकीकत — सिर्फ IND Agenda पर!