ऐसा भी सोचा जाता है' में संकलित परसाई जी के गंभीर वैचारिक लेखों में राजनीतिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक और सामाजिक विषय संदर्भों पर महत्वपूर्ण विचार चिंतन है। कहने की जरूरत नहीं कि परसाई जी और व्यंग्य तो एक दूसरे के प्रयाय हैं।
About India:Through Folktales (And Nearby Countries)
From the publisher's feed
लोककथाएं जो अनसुनी रह गई और भारत समेत कई एशियाई देशों की लोककथाएं। उम्मीद है कि आप खूब सुनेंगे और अवसर देंगे और बोलने का। कहानियां जिंदगी का वह हिस्सा है जो हमारे साथ हमेशा चलता है कहीं भी हम कोई…
कहानी सुनते हैं जो बचपन से जुड़ी हो तो वह सारे लम्हे याद आ जाते हैं जो हमने तब जिए थे।