लीजिये गीता साधकों के आग्रह पर आज अध्याय 13 का पाठ प्रस्तुत है। हमेशा की तरह बिना एडिटिंग के एक सिटिंग में पूरा किया है। अतः गलतियों के लिये क्षमाप्रार्थी हूँ ।
मैं नन्दिनी पंजवानी आज फिर आपके समक्ष नया एपिसोड लेकर प्रस्तुत हूँ । हमेशा की तरह बिना एडिटिंग के इसको प्रस्तुत करने की हिमाक़त कर रही हूँ । कृपया त्रुटियों के लिये क्षमा प्रार्थी हूँ ।
मैं इस क़ाबिल तो नहीँ , फिर भी साधकों के आग्रह पर मैने यह नित्य स्तुति अपनी आवाज़ में गाने की कोशिश की है। इसमें एडिटिंग नहीं की है । इसलिए गलतियों के लिये क्षमाप्रार्थी हूँ ।🙏