Amusemaze

Ishq Baaki Nahi Hai


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तुमने कहा और मैने मान लिया की
अब इश्क़ बाकी नहीं हैं
तो फ़िर रोज़ सुबह तकिए नम क्यों नज़र आते हैं?
तो फ़िर क्यों मुस्कुराते हुए लब थम से जाते हैं?
तो फ़िर क्यूं हर किसी में उसको ही ढूंढते हो?
तो फ़िर क्यों जाते जाते उसकी गली में मुड़ते हो?
तो फ़िर क्यों उसे किसी और का होते देख दिल बैठा जाता है?
तो फ़िर क्यों दिल बोहोत कुछ केहना चाहता है?
सवाल बोहोत से हैं , इतने काफ़ी नहीं हैं,
इनके जवाब मिले तो ही केहना
अब, इश्क़ बाकी नहीं है। — स्वप्निल
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AmusemazeBy Swapnil Mishra