कोई केहता है इश्क को अंजाम तक लेके जाना है
कोई केहता है इश्क इक मंज़िल है,
किसी के लिए वो ठंड की धूप है ,
और किसी के लिए ज्येष्ठ में इक छांव। किसी के लिए इक पूरा महासागर है,
तो किसी के लिए हिम की ठंड।
किसी के लिए वो कमज़ोरी है,
तो किसी के लिए ताकत ।
किसी का इश्क विरह की कहानी है
, तो किसी की मुकम्मल मोहब्बत की दास्तान ।
किसी का इश्क अधूरा होके भी पूरा है
, और कोई इश्क के साथ भी हमेशा अधूरा है
। – swapnil