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November 04, 2021Jagmag Jagmag - Sohan Lal Dwivedi2 minutesPlayListen in to a recitation of the famous poem “Jagmag Jagmag” by Sohan Lal Dwivedi.Lyrics in Hindi:हर घर, हर दर, बाहर, भीतर,नीचे ऊपर, हर जगह सुघर,कैसी उजियाली है पग-पग?जगमग जगमग जगमग जगमग!छज्जों में, छत में, आले में,तुलसी के नन्हें थाले में,यह कौन रहा है दृग को ठग?जगमग जगमग जगमग जगमग!पर्वत में, नदियों, नहरों में,प्यारी प्यारी सी लहरों में,तैरते दीप कैसे भग-भग!जगमग जगमग जगमग जगमग!राजा के घर, कंगले के घर,हैं वही दीप सुंदर सुंदर!दीवाली की श्री है पग-पग,जगमग जगमग जगमग जगमग!...moreShareView all episodesBy aksNovember 04, 2021Jagmag Jagmag - Sohan Lal Dwivedi2 minutesPlayListen in to a recitation of the famous poem “Jagmag Jagmag” by Sohan Lal Dwivedi.Lyrics in Hindi:हर घर, हर दर, बाहर, भीतर,नीचे ऊपर, हर जगह सुघर,कैसी उजियाली है पग-पग?जगमग जगमग जगमग जगमग!छज्जों में, छत में, आले में,तुलसी के नन्हें थाले में,यह कौन रहा है दृग को ठग?जगमग जगमग जगमग जगमग!पर्वत में, नदियों, नहरों में,प्यारी प्यारी सी लहरों में,तैरते दीप कैसे भग-भग!जगमग जगमग जगमग जगमग!राजा के घर, कंगले के घर,हैं वही दीप सुंदर सुंदर!दीवाली की श्री है पग-पग,जगमग जगमग जगमग जगमग!...more
Listen in to a recitation of the famous poem “Jagmag Jagmag” by Sohan Lal Dwivedi.Lyrics in Hindi:हर घर, हर दर, बाहर, भीतर,नीचे ऊपर, हर जगह सुघर,कैसी उजियाली है पग-पग?जगमग जगमग जगमग जगमग!छज्जों में, छत में, आले में,तुलसी के नन्हें थाले में,यह कौन रहा है दृग को ठग?जगमग जगमग जगमग जगमग!पर्वत में, नदियों, नहरों में,प्यारी प्यारी सी लहरों में,तैरते दीप कैसे भग-भग!जगमग जगमग जगमग जगमग!राजा के घर, कंगले के घर,हैं वही दीप सुंदर सुंदर!दीवाली की श्री है पग-पग,जगमग जगमग जगमग जगमग!
November 04, 2021Jagmag Jagmag - Sohan Lal Dwivedi2 minutesPlayListen in to a recitation of the famous poem “Jagmag Jagmag” by Sohan Lal Dwivedi.Lyrics in Hindi:हर घर, हर दर, बाहर, भीतर,नीचे ऊपर, हर जगह सुघर,कैसी उजियाली है पग-पग?जगमग जगमग जगमग जगमग!छज्जों में, छत में, आले में,तुलसी के नन्हें थाले में,यह कौन रहा है दृग को ठग?जगमग जगमग जगमग जगमग!पर्वत में, नदियों, नहरों में,प्यारी प्यारी सी लहरों में,तैरते दीप कैसे भग-भग!जगमग जगमग जगमग जगमग!राजा के घर, कंगले के घर,हैं वही दीप सुंदर सुंदर!दीवाली की श्री है पग-पग,जगमग जगमग जगमग जगमग!...more
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