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(एपिसोड 5/7: ट्रॉमा सिम्प्टम्स मिनी सीरीज़)
हमारा शरीर हमेशा हमसे संवाद करता है। कभी पीठ दर्द बनकर, कभी सिरदर्द, तो कभी थकान या नींद न आने की समस्या बनकर। सवाल यह है — क्या हम उसकी भाषा सुन पाते हैं?
एंटिफ्रैजीलिएंट OS: डेली नॉवशिफ्ट ट्रांसमिशन्स के ट्रॉमा सिम्प्टम्स मिनी सीरीज़ के पाँचवे एपिसोड में, डॉ. अभिमन्यु राठौर बताते हैं कि कैसे अनसुलझे भावनात्मक घाव हमारे शरीर में संग्रहित होकर शारीरिक लक्षणों के रूप में सामने आते हैं।
इन सभी लक्षणों के पीछे छिपी है एक गहरी कहानी। डॉ. राठौर मेटाफिजिकल एनाटॉमी और बायोडिकोडिंग के नज़रिए से बताते हैं कि शरीर के ये संकेत वास्तव में हमारी अनकही भावनाओं और संघर्षों का आईना हैं।
यह एपिसोड आपको यह समझने में मदद करेगा कि आपका शरीर केवल तकलीफ़ नहीं दे रहा, वह आपको एक संदेश दे रहा है। जब हम इन संदेशों को सुनना शुरू करते हैं, तभी असली उपचार की प्रक्रिया शुरू होती है।
अगले एपिसोड में हम समझेंगे कि ट्रॉमा हमारे इंद्रियों के अनुभव को कैसे बदल देता है — और यह हमारे दैनिक जीवन को किस तरह प्रभावित करता है।
डॉ. अभिमन्यु राठौड़ द्वारा प्रस्तुत पॉडकास्ट
सुनने के लिए धन्यवाद।
🔗 इंस्टाग्राम पर फॉलो करें:@drabhimanyou_psychologist
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By Dr Abhimanyou RaathoreSend us Fan Mail
(एपिसोड 5/7: ट्रॉमा सिम्प्टम्स मिनी सीरीज़)
हमारा शरीर हमेशा हमसे संवाद करता है। कभी पीठ दर्द बनकर, कभी सिरदर्द, तो कभी थकान या नींद न आने की समस्या बनकर। सवाल यह है — क्या हम उसकी भाषा सुन पाते हैं?
एंटिफ्रैजीलिएंट OS: डेली नॉवशिफ्ट ट्रांसमिशन्स के ट्रॉमा सिम्प्टम्स मिनी सीरीज़ के पाँचवे एपिसोड में, डॉ. अभिमन्यु राठौर बताते हैं कि कैसे अनसुलझे भावनात्मक घाव हमारे शरीर में संग्रहित होकर शारीरिक लक्षणों के रूप में सामने आते हैं।
इन सभी लक्षणों के पीछे छिपी है एक गहरी कहानी। डॉ. राठौर मेटाफिजिकल एनाटॉमी और बायोडिकोडिंग के नज़रिए से बताते हैं कि शरीर के ये संकेत वास्तव में हमारी अनकही भावनाओं और संघर्षों का आईना हैं।
यह एपिसोड आपको यह समझने में मदद करेगा कि आपका शरीर केवल तकलीफ़ नहीं दे रहा, वह आपको एक संदेश दे रहा है। जब हम इन संदेशों को सुनना शुरू करते हैं, तभी असली उपचार की प्रक्रिया शुरू होती है।
अगले एपिसोड में हम समझेंगे कि ट्रॉमा हमारे इंद्रियों के अनुभव को कैसे बदल देता है — और यह हमारे दैनिक जीवन को किस तरह प्रभावित करता है।
डॉ. अभिमन्यु राठौड़ द्वारा प्रस्तुत पॉडकास्ट
सुनने के लिए धन्यवाद।
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