प्रेमचंद की कफन कहानी हमें यह सोचने के लिये विवश करती है कि घीसू-माधव अकर्मण्य, अमानवीय होकर कैसे अपनी स्थिति को नियति का खेल मानकर उसे स्वीकार करके बदहाली में जीते रहे
अंतरात्मा के मन के चंचलता को शांत करने का एक अंतहीन प्रयास . एक ऐसा पॉडकास्ट जहा मैं लक्ष्मी मिश्रा आपकी होस्ट बात करुँगी ऐसी ज़रूरी चीज़ों पर जो आपको सोचने पर मजबूर कर देंगी , साथ ही साथ आपको आगे बढ़ने…