कहानी में हम देखेंगे किस तरह से सरकारी तंत्र आजाद होकर भी अंग्रेजों के गुलाम हैं उन्हें अपने उस अतिथि की नाक बहुत मूल्यवान प्रतीत होती है जिसने भारत को गुलाम बनाया और अपमानित किया।
कहानी में हम देखेंगे किस तरह से सरकारी तंत्र आजाद होकर भी अंग्रेजों के गुलाम हैं उन्हें अपने उस अतिथि की नाक बहुत मूल्यवान प्रतीत होती है जिसने भारत को गुलाम बनाया और अपमानित किया।