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खैरथल के धमाल में सिंध की गूंज डॉ. जितेन्द्र लोढ़ा के लेखन में 'इतिहास की धड़कन' का अर्थ ढाटी पुष्करणा समुदाय की उस जीवंत और अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (धमाल) से है, जो समय और भौगोलिक सीमाओं के पार आज भी उतनी ही सक्रिय है जितनी वह सिंध में थी 1।
स्रोतों के आधार पर इसके विस्तृत मायने निम्नलिखित हैं:
संक्षेप में, 'इतिहास की धड़कन' उस अखंड सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है जो विस्थापन जैसी त्रासदियों के बाद भी समुदाय के आत्मगौरव और एकता को जीवित रखे हुए है 1, 3।
By sahity.co.inखैरथल के धमाल में सिंध की गूंज डॉ. जितेन्द्र लोढ़ा के लेखन में 'इतिहास की धड़कन' का अर्थ ढाटी पुष्करणा समुदाय की उस जीवंत और अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (धमाल) से है, जो समय और भौगोलिक सीमाओं के पार आज भी उतनी ही सक्रिय है जितनी वह सिंध में थी 1।
स्रोतों के आधार पर इसके विस्तृत मायने निम्नलिखित हैं:
संक्षेप में, 'इतिहास की धड़कन' उस अखंड सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है जो विस्थापन जैसी त्रासदियों के बाद भी समुदाय के आत्मगौरव और एकता को जीवित रखे हुए है 1, 3।