
Sign up to save your podcasts
Or


क्या लिखूँ
मैं लिखूँ कुछ अनकहा
या वो लिखूँ, जो कहा नही?
तू वो रंग है, जो रंगा नही
कुछ श्वेत है, पर हवा नही।
तू कुछ अजनबी, कुछ महज़बीं
इक अनछुआ एहसास है।
या ये कहूँ, तू कुछ नहीं
कुछ तुझमे है, जो ख़ास है।
By Ayan Sharmaक्या लिखूँ
मैं लिखूँ कुछ अनकहा
या वो लिखूँ, जो कहा नही?
तू वो रंग है, जो रंगा नही
कुछ श्वेत है, पर हवा नही।
तू कुछ अजनबी, कुछ महज़बीं
इक अनछुआ एहसास है।
या ये कहूँ, तू कुछ नहीं
कुछ तुझमे है, जो ख़ास है।