क्या आप भगवान शिव के भक्त हैं?
अगर आप भगवान शिव के भक्त हैं तो उनके प्रदर्शित मार्ग पर चलें!
भगवान शिव का धर्म क्या था?
भगवान शिव का धर्म~ आत्म-विकास प्राप्त करनेवाले महा धर्म था। मनुष्यों के मामले में, वह वास्तविक मानव धर्म है।
क्या आप जानते हैं महायोगी शिव ने किस पर ध्यान करते थे? भगवान शिव ने पूर्ण आत्म-विकास के लिए आत्म-ध्यान का अभ्यास करते थे।
क्या आप भी शिव के धर्म को मानते हैं~ अनुशीलन करते हैं? या आप एक अज्ञान अंधे की तरह केवल उनके बारे में बात करके और पूजा करके अपना कीमती समय बर्बाद कर रहे हैं?!
भगवान शिव के दो प्रकार के भक्त होते हैं। भक्तों का प्रथम वर्ग शिव के मार्ग पर चलकर और उनके आत्म-विकास योग का अभ्यास करके उत्तरोत्तर उच्च चेतना प्राप्त करते है। वे सभी ज्ञानी भक्त हैं।
और दूसरी श्रेणी के अज्ञानी, अंध विश्वास करने वाले, कम चेतना वाले भक्त गांजे और ड्रग्स आदि सेवन करते हैं और पिछड़े वर्गों कि मनुष्यों कि तरह सबसे निकृष्ट जीवन जी रहे हैं। वे सब अज्ञानी भक्त हैं।
अब सोचिए जरा, आप भगवान शिव के किस तरह के भक्त हैं?