क्या है ये लोग डिस्टेंस वाला प्यार?
कहीं आप भी इसे मेहेज़ वो फ़ूल तोहफ़े रोने धोने वाली आकृति में तो नहीं सजा रहे?
मैने तो उसकी बात की है जब याद आने पे पैगाम भेजे जाते थे और उस ओर कोई इंतजार में नज़रें बिछाए दिन गिनता होता था,
मैं उस प्यार की बात कर रही जो शादी के बाद भी इक पत्नी अपने पति से उस दो मिनट की गुफ्तगू में जता लेती है
मैं उस प्यार की बात कर रही जो इक सरहद पे अपने फर्ज़ निभाते फौजी की मां मिलों दूर से दुआओं में ज़िंदा रखती है ,
मैं उस प्यार की बात कर रही जो इक पिता की आंख में अपने बेटे को वीडियो कॉल में देखकर छलक जाता है
और लोग कहते हैं लॉन्ग डिस्टेंस वाला प्यार चलता नही है?
–Swapnil ☀️