जीवन का सच्चा महत्व यह है कि परमेश्वर ने मनुष्य को श्रेष्ठ मूल्य के साथ अपने स्वरूप में बनाया है। और परमेश्वर को जानने, परमेश्वर से प्रेम करने, तथा परमेश्वर को प्रकट करने में वह मूल्य और वह महत्व पाया जाता है। दूसरे शब्दों में कहें तो, जीवन परमेश्वर के विषय में है। मनुष्य इसके केन्द्र में नहीं है। परमेश्वर इसके केन्द्र में है। परमेश्वर ने अपनी महानता का आवर्धन करने के लिए सम्पूर्ण विश्व की और मानवजाति की सृष्टि की है। और इस संसार में हमारा आनन्द, जिसे परमेश्वर ने आवश्यक रूप से बनाया है, वह यीशु ख्रीष्ट में, परमेश्वर पिता में और पवित्र आत्मा में पाया जाता है।