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मायका | अन्वेषा राय 'मंदाकिनी'
हिंदी के शब्दकोश में
प्रत्येक शब्द का एक अर्थ लिखा है,
मगर एक शब्द है जिसका अर्थ
ना मुंशी जी को पता है,
ना महादेवी को
और ना ही मुझे..
“मायका"
पढ़ने - पढाने के लिए
हमें
मायके का मतलब
“मा का घर" रटवा दिया गया है ।!
पर हर स्त्री,
जब भी लांघती है
ससुराल की दहलीज़,
मायके जाने के लिए,
तो आगे बढने से पूर्व
उसके मन में
एक सवाल
खूब उधम करता है !!
"माँ का घर कहाँ है!"
हिंदी ने लोगों को
मायका शब्द तो दे दिया,
मगर स्त्रियों को
उनकी माँ का घर नहीं दे पाई
या उनका ख़ुद का घर
जिसे उनकी आने वाले पीढ़ी की बेटी
माँ का घर कह सके !!
शायद इसीलिए कुछ पुरुष आज भी कहते हैं
“हिन्दी पढ़ के क्या होगा ?"
हर स्त्री ढूंढ रही है
अपना ठिकाना शब्दों में ही कहीं..
इसीलिए काम पर जाने को
घर से निकलती हर स्त्री
और
उसकी माँ
या शायद
उनकी भी माँ...
अपना घर तलाशती फ़िर रही है...
ताकि उसकी बेटी जान सके
ये मायका है !!
By Nayi Dhara Radioमायका | अन्वेषा राय 'मंदाकिनी'
हिंदी के शब्दकोश में
प्रत्येक शब्द का एक अर्थ लिखा है,
मगर एक शब्द है जिसका अर्थ
ना मुंशी जी को पता है,
ना महादेवी को
और ना ही मुझे..
“मायका"
पढ़ने - पढाने के लिए
हमें
मायके का मतलब
“मा का घर" रटवा दिया गया है ।!
पर हर स्त्री,
जब भी लांघती है
ससुराल की दहलीज़,
मायके जाने के लिए,
तो आगे बढने से पूर्व
उसके मन में
एक सवाल
खूब उधम करता है !!
"माँ का घर कहाँ है!"
हिंदी ने लोगों को
मायका शब्द तो दे दिया,
मगर स्त्रियों को
उनकी माँ का घर नहीं दे पाई
या उनका ख़ुद का घर
जिसे उनकी आने वाले पीढ़ी की बेटी
माँ का घर कह सके !!
शायद इसीलिए कुछ पुरुष आज भी कहते हैं
“हिन्दी पढ़ के क्या होगा ?"
हर स्त्री ढूंढ रही है
अपना ठिकाना शब्दों में ही कहीं..
इसीलिए काम पर जाने को
घर से निकलती हर स्त्री
और
उसकी माँ
या शायद
उनकी भी माँ...
अपना घर तलाशती फ़िर रही है...
ताकि उसकी बेटी जान सके
ये मायका है !!